दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर सियासी घमासान मचा है. विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस्तीफा देने की मांग की है. वहीं, अब दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ( एएपी) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को पत्र लिखा है.
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संजय सिंह ने इस पत्र में कोरोना की अधिक टेस्टिंग के लिए आईसीएमआर की गाइडलाइन में बदलाव करते हुए बीमारी के जरा भी लक्षण पर जांच कराने की छूट देने की मांग की है. साथ ही उन्होंने यह मांग भी की है कि केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के लिए कि कौन सा राज्य कितनी टेस्टिंग कर रहा है, राज्यवार आंकड़े जारी करने चाहिए.कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
AAP के राज्यसभा सांसद ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना की टेस्टिंग को लेकर तमाम सवाल खड़े किए जा रहे हैं. कुछ संगठनों की ओर से दिल्ली सरकार पर कम टेस्टिंग करने का आरोप लगाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया है कि प्रति 10 लाख आबादी पर दिल्ली में 12198 टेस्टिंग के साथ दिल्ली, देश में सबसे अधिक टेस्टिंग करने वाला राज्य है. संजय सिंह ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि अधिक टेस्टिंग कराकर ही संक्रमण के खतरे की वास्तविक सच्चाई पता की जा सकती है.देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें
संजय सिंह ने अपने पत्र में टेस्टिंग को लेकर भारत की स्थिति का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा है कि प्रति 10 लाख लोग टेस्टिंग के मामले में भारत दुनिया के कोरोना प्रभावित शीर्ष 10 देशों में सबसे पीछे है. आईसीएमआर की गाइड लाइन और टेस्टिंग लैब की कमी के कारण कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की जांच नहीं हो पा रही है. उन्होंने अधिक लैब्स को कोरोना की जांच का लाइसेंस देने और राज्यों को पर्याप्त मात्रा में टेस्टिंग किट्स देने का भी सुझाव दिया है.
पंकज जैन