दिल्ली में अब होम क्वारनटीन नहीं रह सकेंगे कोरोना संक्रमित, LG ने लगाई रोक

दिल्ली में कोरोना वायरस की रफ्तार बढ़ती जा रही है. वहीं अब दिल्ली में कोरोना के पॉजिटिव मरीजों को संस्थागत क्वारनटीन किया जाएगा. दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल के इस फैसले पर अंसतोष जताया है, साथ ही उनसे पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है.

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सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)

पंकज जैन / अंकित त्‍यागी

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2020,
  • अपडेटेड 12:13 AM IST

  • दिल्ली में लगातार बढ़ रहो कोरोना संक्रमण के केस
  • संक्रमित मरीजों को किया जाएगा संस्थागत क्वारनटीन
  • एलजी ने लगाई है मरीजों के होम क्वारनटीन पर रोक

दिल्ली में कोरोना वायरस की रफ्तार बढ़ती जा रही है. वहीं अब दिल्ली में कोरोना के पॉजिटिव मरीजों को संस्थागत क्वारनटीन किया जाएगा. दिल्ली के उपराज्यपाल ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों के होम क्वारनटीन पर रोक लगाते हुए संस्थागत क्वारनटीन करने को मंजूरी दी है.

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दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों को होम क्वारनटीन करने पर रोक लगा दी है. वहीं अब कोरोना संक्रमित मरीजों को पहले पांच दिन अनिवार्य संस्थागत क्वारनटीन किया जाएगा. दिल्ली के उपराज्यपाल ने आदेश परित किया है कि जिन लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आए, उन्हें 5 दिनों तक हर हाल में सरकारी क्वारनटीन सेंटर में रहना होगा.

एलजी के आदेश में कहा गया है कि जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में जिला सर्विलांस ऑफीसर की टीम होम आइसोलेशन वाले हर व्यक्ति की फिजिकल वैरिफिकेशन करेगी. आदेश में यह भी कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने जिस कंपनी को होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को फोन पर सलाह देने के लिए आउटसोर्स किया था, उसकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं.

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एलजी ने अपने आदेश में कहा है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के साथ बिना फिजिकल कॉन्टैक्ट के मॉनिटरिंग के चलते भी दिल्ली में कोरोना फैल रहा है, ये भी एक कारण हो सकता है. हर मामले की फिजिकल वैरीफिकेशन की अनिवार्य जरूरत महसूस की गई है.

संक्रमण के लक्षण दिखने में तत्काल भर्ती किए जाएं मरीज

एमएचए ने यह विचार किया है कि बिना फिजिकल कॉन्टैक्ट के होम क्वारनटीन में रहना भी बढ़ते कोरोना संक्रमण का कारण हो सकता है. ऐसे में अगर कोरोना के लक्षण न दिखें तो भी 5 दिनों के बाद ही मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजा जाएगा. अगर कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा.

'सफल रही है होम क्वारनटीन की पहल'

वहीं एलजी के आदेश पर दिल्ली सरकार का कहना है कि होम आइसोलेशन की पहल कोरोना के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई में सबसे सफल रही है. हमने हजारों ऐसे कोरोना मरीजों का उपचार किया है जिनमें संक्रण के लक्षण नहीं थे, या कम थे.

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दिल्ली सरकार का कहना है कि हम ऐसे मरीजों की हर दिन देखभाल कर रहे थे और काउंसलिंग कर रहे थे. होम आइसोलेशन प्रोटोकॉल का पालन कड़ाई से हो रहा था, जैसा कि आईसीएमआर ने निर्देशित किया था.

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एलजी के फैसले से असहमत दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार ने यह भी कहा है कि होम आइसोलेशन ने ऐसे मरीजों को भी सामने आने में मदद की जिनमें कोरोना के हल्के लक्षण थे, उन्होंने टेस्ट कराया. उन्हें लगा कि जबरन उन्हें अस्पताल या क्वारनटीन सेंटर में नहीं भेजा जाएगा. एलजी के आदेशों पर दिल्ली सरकार ने असहमति जताई है.

'लोग नहीं कराएंगे कोरोना टेस्ट'

दिल्ली सरकार ने कहा है कि आज का आदेश होम आइसोलेशन पर रोक लगा रहा है. ऐसे में लोग टेस्टिंग से परहेज करेंगे और कोरोना संक्रमण का फैलाव होगा. मिश्रित लक्षणों वाले पेशेंट भी कोरोना की जांच नहीं कराएंगे. होम आइसोलेशन पर रोक टेस्टिंग को हतोत्साहित करेगा.

दिल्ली में डॉक्टर और नर्सों की कमी: दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार का कहना है कि कोविड मरीजों के उपचार के लिए दिल्ली में डॉक्टरों और नर्सों की पहले से ही गंभीर रूप से कमी है. क्वारनटीन सेंटर में इन मरीजों का उपचार करने के लिए कैसे पर्याप्त मैनपॉवर उपलब्ध होगा.

फैसले पर फिर से विचार करें एलजी: दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया है कि दिल्ली सरकार की पूरी मैन-पावर पहले से ही लगी हुई है. अब, हजारों संक्रमण के लक्षण न दिखने वाले लोगों के लिए बड़े क्वारंटीन केंद्रों के के लिए घर बनाने की जरूरत पड़ेगी. फिलहाल हजारों मरीजों का इलाज घर पर किया जा रहा है.

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कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

दिल्ली सरकार का कहना है कि आदेश के बाद, हमें तुरंत क्वारंटीन सेंटरों में हजारों बेड की जरूरत होगी. कोरोना के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई में हम पूरी तरह से केंद्र सरकार के साथ हैं, लेकिन इस तरह के मनमाने फैसले से दिल्ली को गंभीर नुकसान होगा. उन्हें इस फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए.

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