खराब हवा से लड़ने को तैयार केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की 'डिजिटल सेना'

नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद ही नहीं केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम मेरठ, सोनीपत और पानीपत जैसे इलाकों में जाएगी और हवा की खराब होती गुणवत्ता का जायजा लेगी.

प्रतीकात्मक तस्वीर
राम किंकर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 11 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 10:48 PM IST

  • हवा की गुणवत्ता को बनाने के लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड तैयार
  • समीर ऐप के जरिए प्रदूषण को लेकर करा सकते हैं शिकायत दर्ज

दिल्ली एनसीआर में हवा की खराब होती गुणवत्ता को लेकर केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने डीडीएमसीडी जैसे कंस्ट्रक्शन एजेंसी और इंडस्ट्रियल एजेंसीज के साथ मीटिंग करके हवा की गुणवत्ता को बनाए रखने की तमाम प्लानिंग और उसे अमलीजामा पहनाने के लिए तकरीबन छह टीमों का गठन किया है.

हवा की गुणवत्ता का जायजा

ऐसा पहली बार होगा जब सिर्फ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद ही नहीं केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम मेरठ, सोनीपत और पानीपत जैसे इलाकों में जाएगी और हवा की खराब होती गुणवत्ता का जायजा लेगी.

प्रदूषण सेल लड़ने का तरीका सिर्फ जमीन पर ही नहीं बल्कि ऑनलाइन भी है जहां पर ना केवल ऐप के जरिए प्रदूषण से लड़ाई चल रही है बल्कि सोशल मीडिया माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे माध्यम भी प्रदूषण से लड़ने के एक बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

ऑनलाइन शिकायत

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सीनियर साइंटिस्ट वीके शुक्ला ने बताया, 'एनसीआर के लोग समीर ऐप के जरिए  प्रदूषण को लेकर ना केवल ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं बल्कि उसे ट्रैक भी किया जा सकता है. सीपीसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से एक लिंक डाउनलोड करके उस पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है वहीं माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर सीपीसीबी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी किसी भी प्रकार के प्रदूषण की जानकारी दी जा सकती है.'

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मेंबर सेक्रेटरी अरुण मिश्रा ने बताया, 'जगह-जगह जाकर मैनुअल चेकिंग से अच्छा है की से ड्रोन से निगरानी की जाए ना केवल सुविधाजनक होगा बल्कि ज्यादा इलाकों को कवर किया जा सकता है. दिल्ली में 13 और एनसीआर के 6 पॉल्युशन के हॉट स्पॉट को चिन्हित किया गया है.'

Read more!

RECOMMENDED