राजधानी दिल्ली के एक नामी प्राइवेट स्कूल ने एक छात्रा को एडमिशन देने से सिर्फ इसलिए इंकार कर दिया, क्योंकि बच्ची के सिर पर बाल नहीं है. छात्रा के परिजनों का आरोप है कि एडमिशन टेस्ट में पास होने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने बच्ची के सिर पर बाल नहीं होने की वजह से उसे एडमिशन देने से इंकार कर दिया.
13 साल की मासूम अंशिता प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती है. इसके लिए वह दिन-रात पढ़ाई करती है. पढ़ाई में होनहार अंशिता अभी तक मयूर विहार फेस-3 इलाके के एक स्कूल में पढ़ रही थी, लेकिन वह स्कूल सिर्फ 8वीं तक ही था.
लिहाजा अंशिता के माता-पिता ने उसकी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए मयूर विहार फेस-3 स्थित वनस्थली पब्लिक स्कूल में एप्लाई किया. स्कूल प्रशासन ने अंशिता का टेस्ट लिया, जिसमें वह पास हो गई और उसे एडमिशन के लिए बुलाया गया.
अंशिता के परिजनों ने जैसे-तैसे कर फीस की रकम इकट्ठा की. जब वह एडमिशन के लिए स्कूल पहुंचे तो हैरान रह गए. स्कूल प्रशासन ने सब प्रक्रिया पूरी होने के बाद एडमिशन देने से इंकार कर दिया. प्रशासन ने अंशिता को एडमिशन न देने की जो वजह बताई, उसे सुनकर परिजन दंग रह गए.
प्रशासन का कहना था कि अंशिता के सिर पर बाल नहीं हैं, जिसकी वजह से उसे एडमिशन नहीं दिया जा सकता. हालांकि अंशिता के परिजनों के आरोपों को स्कूल प्रशासन गलत बता रहा है. प्रशासन का कहना है कि बच्ची के सिर पर बाल न होने की वजह से उसे एडमिशन देने से इंकार नहीं किया गया है.
गौरतलब है कि जन्म के एक महीने बाद से ही अंशिता एलोपेसिया नामक बीमारी की शिकार हो गई. इस बीमारी में सिर के बाल झड़ जाते हैं. अंशिता के परिजनों ने उसका कई जगह इलाज करवाया लेकिन मासूम को अभी तक इस बीमारी से निजात नहीं मिल पाया है. स्कूल प्रशासन के रवैये से अंशिता के माता-पिता बेहद निराश हैं.
तनसीम हैदर