आज भी राजधानी दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है. मंदिर मार्ग इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स 700 के पार दर्ज किया गया. द्वारका में यह आंकड़ा 830 को पार कर गया, जबकि पंजाबी बाग में एक्यूआई 777 रिकॉर्ड किया गया. दिल्ली से सटे नोएडा सेक्टर-62 में एक्यूआई 545 और सेक्टर 125 में एक्यूआई 630 को पार कर गया.
हवाओं में इस कदर जहर घुल गया है कि अब दिल्ली में सांस लेना भी जानलेवा हो गया है. लोग बीमार पड़ रहे हैं, लोगों की आंखों में जलन हो रही है. हालात पहले खराब हुए, फिर बदतर हुए और अब भयानक है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को प्रदूषण से बिगड़े हालात पर दिल्ली सरकार और अन्य एजेंसियों की खिंचाई की, साथ ही कई उपाय भी सुझाए. कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण घटाने में अफसरों की कोई रुचि नहीं है. कोर्ट ने सुझाव देते हुए कहा कि अक्टूबर से जनवरी के बीच अधिकारी देखें कि निमार्ण सामग्री कहीं भी बिखरी न रहे. कोर्ट ने कहा कि हर दो हफ्ते में देखेंगे कि उपायों पर अमल हो रहा है या नहीं.
आज तक स्कूल बंद रखने का आदेश
हवा के खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बीच नोएडा और गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने भी स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया हुआ है. डीएम के कार्यालय आदेश में हवा की क्वालिटी बेहद खराब बताते हुए कक्षा-12 तक सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को 14-15 नवंबर को बंद करने का आदेश दिया गया. यानी नोएडा और गाजियाबाद के सभी स्कूल आज भी बंद रहेंगे.
ऑड-ईवन की अवधि बढ़ सकती है
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि अगर हवा की क्वालिटी आगे बिगड़ती रही तो ऑड-ईवन (सम-विषम) योजना को आगे भी जारी रखा जा सकता है. केजरीवाल ने कहा कि उन्हें लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ वायु प्रदूषण के कारण दुनिया के सामने देश की छवि की भी चिंता है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम ऑड-ईवन की अवधि बढ़ा सकते हैं.
कुमार कुणाल