जानिए क्यों नॉर्थ एमसीडी के मेयर और पार्षद घेरेंगे अरविंद केजरीवाल का घर

मेयर ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से इस संबंध में कई बार मुलाकात और बातचीत भी की, लेकिन बावजूद इसके दिल्ली सरकार द्वारा निगम के नये क्षेत्रों के परिसीमन को अधिसूचित नहीं किया जा रहा है.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

रवीश पाल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 2:47 AM IST

नॉर्थ दिल्ली की मेयर प्रीति अग्रवाल और नॉर्थ एमसीडी के सभी बीजेपी पार्षद ज़ोन के पुनर्गठन में हो रही देरी के खिलाफ 16 अगस्त को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन के घरों का घेराव कर सकते हैं.

मेयर प्रीति अग्रवाल ने इसकी जानकारी दी. हालांकि ये घेराव द्वारा क्षेत्रों के परिसीमन को अधिसूचित नहीं किए जाने पर होगा. मेयर ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से इस संबंध में कई बार मुलाकात और बातचीत भी की, लेकिन बावजूद इसके दिल्ली सरकार द्वारा निगम के नये क्षेत्रों के परिसीमन को अधिसूचित नहीं किया जा रहा है.

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मेयर ने आरोप लगाया कि वार्ड परिसीमन की अधिसूचना में देरी करने का उद्देश्य एमसीडी के कामों को प्रभावित करना और उसकी छवि को धूमिल करना है. क्योंकि न तो निगम के द्वारा परिसीमन के प्रस्ताव को अधिसूचित कर रही है और न ही इस प्रस्ताव में किसी भी तरह की कोई कमी निकाल रही है. जिससे साफ है कि इस पूरे मुद्दे पर दिल्ली सरकार का उद्देश्य सिर्फ निगम के कार्यों को प्रभावित करना है.

मेयर के मुताबिक ज़ोन के परिसीमन की अधिसूचना में देरी होने से एमसीडी की वैधानिक समितियों और स्थायी समिति का गठन नहीं हो पा रहा है. जिससे विकास कार्यों में देरी हो रही है. आपको बता दें कि निगम के विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए निगम की वैधानिक समितियों का गठन होना बेहद ज़रूरी है.

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आपको बता दें कि इससे पहले नॉर्थ का दल मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री समेत दिल्ली के उपराज्यपाल से भी मुलाकात कर चुका है. लेकिन नए निगम के गठन से लेकर अब तक ज़ोन का पुनर्गठन नहीं हुआ है जो एमसीडी के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ.

 

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