राजधानी दिल्ली में पीने के पानी में सीवेज मिलने के गंभीर मुद्दे को आजतक द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब यह मामला दिल्ली विधानसभा में गूंजने वाला है. दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा इस विषय पर विधानसभा में बयान देंगे और सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट करेंगे. इस बीच, मालवीय नगर से बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने भी अपने विधानसभा क्षेत्र में गंदे और दूषित पानी की आपूर्ति का मुद्दा उठाया है.
सतीश उपाध्याय ने कहा कि उनकी विधानसभा मालवीय नगर के कई इलाकों में लोगों को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो गया है. बीजेपी विधायक ने बताया कि मस्जिद मोठ, खिड़की हौजरानी और बेगमपुर जैसे इलाकों में लगातार दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह समस्या अचानक पैदा नहीं हुई है, बल्कि यह पिछली सरकार की गलत नीतियों और लापरवाही का नतीजा है.
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सतीश उपाध्याय के मुताबिक, सीवर और पानी की पाइपलाइनों के सही रखरखाव और समय पर सुधार न होने की वजह से आज यह हालात बने हैं. सतीश उपाध्याय ने कहा कि गंदा पानी सप्लाई होने से स्थानीय लोग पेट से जुड़ी बीमारियों, त्वचा रोगों और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. उन्होंने मांग की कि प्रभावित इलाकों में तत्काल स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और पाइपलाइन नेटवर्क की तकनीकी जांच कराकर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए.
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वहीं, जल मंत्री प्रवेश वर्मा के विधानसभा में बयान देने से इस मुद्दे पर सरकार की रणनीति और आगे की कार्रवाई साफ होने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि सरकार दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर जिम्मेदार एजेंसियों से जवाब मांगेगी और स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी. दिल्ली में पानी जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर उठे इस सवाल ने एक बार फिर राजधानी की जल व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर बहस तेज कर दी है.
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श्रेया चटर्जी