100 से ज्यादा PAK शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का मामला अटका

दरअसल नागरिकता दिए जाने से पहले सभी आवेदकों की सीबीआई जांच कराई जाती है. इस जांच में उनके द्वारा दिए गए तमाम तथ्यों की पड़ताल होती है. निर्धारित समय में जांच पूरी होने के बाद सीबीआई उस रिपोर्ट को गृह मंत्रालय को सौंपती है.

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सीबीआई (फाइल फोटो) सीबीआई (फाइल फोटो)

देवांग दुबे गौतम / सुनील नामदेव

  • रायपुर,
  • 31 मई 2018,
  • अपडेटेड 7:20 PM IST

रायपुर में 100 से ज्यादा पाकिस्तानी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का मामला अटक गया है. ये सभी नागरिक भारत में शरण लिए हुए हैं और सिंधी समुदाय से ताल्लुक रखते है.

बता दें कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 125 सिंधी शरणर्थियों को भारत की नागरिकता दी थी. वहीं दूसरी खेप में 100 से ज्यादा लोगों की फाइल दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में अटक गई है.

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गहन जांच के बाद मिलती है नागरिकता

दरअसल नागरिकता दिए जाने से पहले सभी आवेदकों की सीबीआई जांच कराई जाती है. इस जांच में उनके द्वारा दिए गए तमाम तथ्यों की पड़ताल होती है. निर्धारित समय में जांच पूरी होने के बाद सीबीआई उस रिपोर्ट को गृह मंत्रालय को सौंपती है.

इसके बाद केंद्र सरकार रिपोर्ट को संबंधित राज्य सरकार को भेजती है. फिर राज्य के गृह मंत्रालय से नागरिकता प्रदान करने की औपचारिकता जिला कलेक्टर के माध्यम से पूरी कराई जाती है. सीबीआई की जांच रिपोर्ट दो साल के लिए वैध होती है. किसी कारणों से समय पर नागरिकता नहीं मिलने पर सीबीआई से दोबारा जांच रिपोर्ट लेनी होती है.

रायपुर कलेक्टर ने लगभग 100 पाकिस्तानी नागरिकों को भारतीय नागरिकता देने संबंधी दस्तावेज इसलिए निरस्त कर दिए क्योंकि उन दस्तावेजों में सीबीआई रिपोर्ट संलग्न नहीं थी. बताया जाता है कि लगभग पांच सालों से नागरिकता संबंधी ये सभी आवेदन विचाराधीन थे.

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रायपुर कलेक्टर ओ.पी.चौधरी के मुताबिक इस मामले में प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई की है. उधर, रायपुर से विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने बताया कि ऐसे सभी आवेदकों की सीबीआई जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती तो प्रकरण को सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय में भेजने का नियम है. ऐसे में इन प्रकरणों पर गौर कर नागरिकता का अंतिम फैसला केंद्र सरकार करती है.

पाकिस्तान से हर साल आता है तीर्थयात्रियों का जत्था

रायपुर के माना इलाके में सिंधी समुदाय का एक बड़ा तीर्थ स्थल शदाणी दरबार है. यहां पाकिस्तान से हर साल तीर्थ यात्रियों का जत्था आता है. इस जत्थे में शामिल कई तीर्थयात्री वापस पाकिस्तान ना जाकर यही सेवा कार्य में जुट जाते हैं. कुछ समय बाद वे भारतीय नागरिकता पाने के लिए आवेदन भी करते हैं.   

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