अब विस्फोटक सामग्री लाने-ले जाने से इनकार कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के आदिवासी

छत्तीसगढ़ के सुकमा में माओवादियों को विस्फोटक सामग्री पहुंचाने जा रहे तेलंगाना के चार व्यक्तियों को मरईगुड़ा थाना क्षेत्र से पुलिस ने गिरफ्तार किया है. ये सभी कभी ऑटो में सवार होकर तो कभी बाइक से विस्फोटक सामग्री का परिवहन करते थे.

Advertisement
विस्फोटक सामग्री विस्फोटक सामग्री

कौशलेन्द्र बिक्रम सिंह / सुनील नामदेव

  • रायपुर,
  • 26 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST

जब छत्तीसगढ़ी आदिवासी समुदाय के नौजवानों ने नक्सलियों को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने से अपने हाथ खड़े कर दिए तो उन्होंने तेलंगाना से अपने साथियों को बुला लिया. उन्हें विस्फोटक सामग्री खासतौर पर  कोर्डेक्स वायर, डेटोनेटर और ट्रांसमीटर मुहैया कराने के एवज में मोटी रकम देने का वायदा किया. किसी को शक ना हो इसके लिए ये कुरियर मैन बाइक पर सवार होकर जंगल में दाखिल होते हैं और गांव कूचों में पनाह लेते हैं. चिन्हित स्थान पर सामग्री छोड़ने के बाद कुरियर मैन वापस अपने अगले पड़ाव के लिए निकल जाते हैं.

Advertisement

विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल आमतौर पर बिछाने और प्रेशर बम बनाने और उसके विस्फोट के लिए इस्तेमाल होता है. जंगल में दाखिल होने वाले बड़े परिवहन वाहनों, कार, जीप और बसों पर सामान्यतः पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगाहें रहती हैं. लेकिन बाइक सवार राहगीरों पर किसी का ध्यान नहीं जाता. नक्सली दल इसी दांवपेंच के चलते पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की आंखों में धूल झोंक रहे थे. लेकिन उनकी इस चालाकी का भी अब पर्दाफाश हो चूका है.

छत्तीसगढ़ के सुकमा में माओवादियों को विस्फोटक सामग्री पहुंचाने जा रहे तेलंगाना के चार व्यक्तियों को मरईगुड़ा थाना क्षेत्र से पुलिस ने गिरफ्तार किया है. ये सभी कभी ऑटो में सवार होकर तो कभी बाइक से विस्फोटक सामग्री का परिवहन करते थे.

पुलिस के मुताबिक माओवादी कमांडर हरिभूषण व रमन्ना के कहने पर एक युवक तेलंगाना से ऑटो में भरकर गोलापल्ली की ओर आ रहा था. ऑटो के पीछे उसके साथ अन्य तीन लोग बाइक से आ रहे थे. ये तीनों विस्फोटक सामग्री की सुरक्षा में लगे हुए थे. इनका इरादा एक स्थान विशेष पर रुक कर उस विस्फोटक सामग्री को अपनी-अपनी बाइक पर रखकर अलग-अलग स्थानों में पहुंचाना था. स्थानीय ग्रामीणों ने विस्फोटकों की सूचना सुरक्षबलों को दी थी.

Advertisement

पुलिस ने तेलंगाना से छत्तीसगढ़ की ओर आने वाले रास्तों में कड़ा पहरा बैठा दिया. जैसे ही संदेही व्यक्ति उनकी नजरों में आए पुलिस ने मरईगुड़ा के पोटा केबिन के पास से सभी को धर दबोचा. पकड़े गए आरोपियों में सुरेश कुमार, के. श्रीनू, नक्का अनिल कुमार और कोमरन अर्जुन शामिल हैं. इनके पास से भारी मात्रा में कोर्डेक्स वायर, बरामद किया गया है. पुलिस ने पूछताछ करने के बाद चारों आरोपियों को जिला कोर्ट में पेश किया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »