Chhattisgarh: अब किसानों की अधिग्रहित जमीन लौटाएगी भूपेश बघेल की सरकार

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों से किए वायदे को लेकर लगातार कदम उठा रही है. इसी क्रम में बस्तर के उन किसानों की जमीन जिसे टाटा इस्पात संयंत्र द्वारा अधिग्रहित किया गया था उसे किसानों को वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फोटो-Twitter/@bhupeshbaghel) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फोटो-Twitter/@bhupeshbaghel)

aajtak.in

  • रायपुर,
  • 24 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 7:33 PM IST

छत्तीसगढ़ की नवनिर्वाचित कांग्रेस सरकार ने किसानों की कर्जमाफी के बाद अब किसानों की जमीन वापस करने के वायदे को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को टाटा इस्पात संयंत्र द्वारा अधिग्रहित भूमि की वापसी के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करने और मंत्री परिषद की अगली बैठक में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए हैं.

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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बस्तर जिले के लोहांडीगुड़ा में टाटा इस्पात संयंत्र के लिए साल 2008 में 10 गांवों के 1700 किसानों की जमीन अधिग्रहित हुई थी. लेकिन इस जमीन पर टाटा कंपनी द्वारा कोई भी उद्योग नहीं लगाया गया. विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बस्तर की रैली के दौरान किसानों को यकीन दिलाया था कि उनकी जमीन वापस दिलाई जाएगी.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस आदेश की जानकारी देते हुए ट्वीट में लिखा, 'राहुल गांधी जी ने बस्तर में टाटा इस्पात संयंत्र के लिए 10 गांवों के किसानों की अधिग्रहित जमीन वापस दिलाने का वादा किया था. उनकी जमीन वापस दिलाने के लिए अधिकारियों को मंत्री परिषद की आगामी बैठक में प्रस्ताव लाने के निर्देश दे दिए गए हैं. कर्ज भी चुकाएंगे और फर्ज भी निभाएंगे.'

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आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सरकार बनने पर कर्जमाफी का वायदा किया था. अपने इस वायदे पर कायम रहते हुए सरकार बनते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों की कर्जमाफी के शासनादेश जारी कर दिए थें. लेकिन यह शासनादेश सिर्फ अल्पकालीन लोन के लिए थें. जिसमें 30 नवंबर 2018 की अवधि तक 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा.

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