छत्तीसगढ़ सरकार ने हड़ताली शिक्षाकर्मियों को सबक सिखाने के लिए उठाया ये कदम

राज्य में लगभग डेढ़ लाख शिक्षाकर्मी समान काम और समान वेतन की मांग को लेकर करीब एक माह से अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले गए हैं. इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई लिखाई ठप्प हो गई है. राज्य सरकार ने इस हड़ताल को गैर क़ानूनी करार देते हुए शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी के निर्देश दिए हैं

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शिक्षाकर्मियों का प्रदर्शन शिक्षाकर्मियों का प्रदर्शन

सुनील नामदेव

  • रायपुर,
  • 04 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 9:07 PM IST

छत्तीसगढ़ में हड़ताली शिक्षाकर्मियों को सबक सिखाने के लिए राज्य की बीजेपी सरकार ने स्कूल से नदारद सभी शिक्षाकर्मियों को बर्खास्त करने का फैसला किया है. पहली खेप में शिक्षाकर्मी संगठनों से जुड़े 41 नेताओं को बर्खास्त किया गया है. इसके बाद तमाम जिलों में शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी होगी.

अपनी मांगों को लेकर अड़े डेढ़ लाख शिक्षाकर्मी

गौरतलब है कि राज्य में लगभग डेढ़ लाख शिक्षाकर्मी समान काम और समान वेतन की मांग को लेकर करीब एक माह से अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले गए हैं. इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई लिखाई ठप हो गई है. राज्य सरकार ने इस हड़ताल को गैर क़ानूनी करार देते हुए शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी के निर्देश दिए हैं.

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प्रदर्शनकारी शिक्षाकर्मियों को हिरासत में लिया गया

छत्तीसगढ़ में हड़ताली शिक्षाकर्मियों को सरकार ने काम पर वापस लौटने का फरमान जारी किया था. जब शिक्षाकर्मियों ने सरकारी निर्देशों को हवा में उड़ा दिया, तब सरकार ने उन्हें अपने तरीके से आड़े हाथों लिया. हड़ताली शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी तय कर दी गई. उनकी हड़ताल को गैर क़ानूनी करार देने के बाद उनकी धर पकड़ भी शुरू कर दी गई है. धरना प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारी शिक्षाकर्मियों ने जब सड़के जाम कीं और सरकार को आंख दिखाई तो उन्हें हिरासत लिया गया.

शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी के निर्देश

हालांकि शिक्षाकर्मियों ने ऐलान किया है कि वो सरकारी दमन के आगे नहीं झुकेंगे. इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के मंत्रालय में दिनभर गहमा गहमी रही. आख़िरकर वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तमाम कलेक्टरों को शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी के निर्देश दिए गए. 

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