चुनाव से दो साल पहले ही छत्तीसगढ़ में AAP ने डाला खूंटा

रायपुर से लेकर अंबिकापुर और रायगढ़ से लेकर बस्तर तक पूरे 14 दिनों तक आप पार्टी के नेता और दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय अपने दौरे को लेकर व्यस्त रहेंगे.

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गोपाल राय गोपाल राय

प्रियंका झा / सुनील नामदेव

  • रायपुर,
  • 10 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 8:20 PM IST

आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल समेत उनके कई मंत्री दिल्ली से बाहर पंजाब में खूंटा डाल कर बैठे हैं. तो राज्य के परिवहन मंत्री गोपाल राय भी कहां पीछे रहने वाले थे. लिहाजा उन्होंने भी खुद के लिए खूंटा तलाश लिया और एक ऐसे राज्य में डेरा डालने चले गए जहां दो साल बाद विधान सभा चुनाव होने वाले हैं. गोपाल राय ने छत्तीसगढ़ में खूंटा डाल कर वहां 14 दिनों तक बंधे रहने का फैसला किया है.

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इस दौरान वे राज्य की तमाम बड़ी विधानसभा सीटों में पहुच कर पार्टी की नब्ज टटोल रहे हैं. रायपुर से लेकर अंबिकापुर और रायगढ़ से लेकर बस्तर तक पूरे 14 दिनों तक आप पार्टी के नेता और दिल्ली के मंत्री गोपाल राय अपने दौरे को लेकर व्यस्त रहेंगे. पहली खेप में उन्होंने बिलासपुर, कोरबा और अंबिकापुर की दर्जन भर विधानसभा सीटों का दौरा शुरू कर दिया है. यह पहला मौका है जब, आप पार्टी के किसी मंत्री ने भी राज्य का रुख किया है, वो भी इतने लंबे समय के लिए. इस दौरान वो छत्तीसगढ़ की तमाम चर्चित विधानसभा सीटों का जायजा ले रहे हैं.

केजरीवाल के निर्देश पर गोपाल राय छत्तीसगढ़ में
गोपाल राय पार्टी के कार्यकर्ताओं से रू-ब-रू हो कर छत्तीसगढ़ में पार्टी की जड़े तलाशने में जुटे हैं. उनका हर एक दिन और रात एक नई विधानसभा सीट पर गुजर रहा है. गोपाल राय के मुताबिक वो मुख्यमंत्री केजरीवाल के निर्देश पर ही छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए हैं और यहां की समस्याओं और मुद्दों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं.

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संदीप कुमार को लेकर दी सफाई
पूर्व मंत्री संदीप कुमार की सेक्सी सीडी को लेकर भी गोपाल राय का अपना तर्क है. उनके मुताबिक उनकी पार्टी ने संदीप के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की. लेकिन बीजेपी और कांग्रेस ऐसे मामलों में अपने नेताओं का बचाव करते हैं. उनका यह भी कहना है कि अभी उत्तर प्रदेश और पंजाब में चुनावी माहौल गरमा रहा है, लिहाजा सीडी का मौसम तो आएगा ही.

आदिवासी वोट बैंक पर नजर
छत्तीसगढ़ में 'आप' की नजर आदिवासी वोट बैंक पर है. फिलहाल ये वोट बैंक बीजेपी के कब्जे में है. लेकिन पार्टी इसमें सेंधमारी की कोशिश में जुटी है. अपनी बैठकों में गोपाल राय आदिवासियों की समस्याओं को विशेष रूप से उठा रहे हैं. खासतौर पर नक्सलवाद और पुलिसिया कार्रवाई के बीच में पिसने वाले आदिवासियों को लेकर वो आदिवासी इलाकों का दौरा करने वाले हैं. जबकि मैदानी इलाकों में पार्टी भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की समस्या को लेकर नौजवानों को इकठ्ठा करने में जुटी है.

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