दलाई लामा से मिले CM नीतीश, कहा- समाज सुधार के लिए कई उठाए कदम

दलाई लामा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अंगवस्त्र भेंटकर उन्हें अपना आशीर्वाद दिया.

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा

सुजीत झा

  • पटना,
  • 07 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 7:47 PM IST

और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने बोधगया के कालचक्र मैदान में संयुक्त रूप से 'साइंस एंड फिलॉस्फी इन द इंडियन बुद्धिस्ट क्लासिक वॉल्यूम वन, द फिजिकल वर्ल्ड' पुस्तक का विमोचन किया. इस मौके पर दलाई लामा ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र भेंटकर उन्हें अपना आशीर्वाद दिया. पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में शामिल होकर मुझे बेहद खुशी हो रही है.

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उन्होंने कहा कि दलाई लामा जी से जब हमारी मुलाकात होती है तो हमें आंतरिक प्रसन्नता होती है. उन्होंने कहा कि पिछली कालचक्र पूजा के दौरान दलाई लामा बोधगया आए थे और अब पुनः पधारें हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन दिनों के इस कार्यक्रम में दलाई लामा अपने उपदेश से लोगों को प्रेरित करेंगे. उन्होंने कहा कि बोधगया में दलाई लामा का हृदय से स्वागत करता हूं.

उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध को इसी बोधगया में ज्ञान प्राप्त हुआ था, इससे हम सभी बिहारवासी अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा बुद्ध के बौद्ध दर्शन को पूरी दुनिया के लोगों ने अपनाया है.

विमोचित हुए पुस्तक की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दलाई लामा के दिशा-निर्देश में तिब्बती बौद्ध समिति द्वारा इस पुस्तक को लिखा गया है. उन्होंने कहा कि दलाई लामा हमेशा नालंदा के परंपरा की बात करते हैं और उनकी प्रेरणा से यह आगे बढ़ रहा है. यह पुस्तक चार खंडों में बंटी है, जिसके पहले खंड में भौतिक दुनिया, दूसरे खंड में मनोविज्ञान, तीसरे और चौथे खंड में भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन की व्याख्या है.

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उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचारों का वैज्ञानिक विश्लेषण बौद्ध दर्शन के इतिहास से उपलब्ध हुआ है और अनेक भाषाओं में अब इस पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस साल हिंदी भाषा में इस पुस्तक का अनुवाद होना है. अगर ऐसा होता है तो बहुत लोग बौद्ध दर्शन और उसके वैज्ञानिक स्वरूप को जान पाएंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दलाई लामा अपने उपदेशों में हमेशा कहा करते हैं कि मनुष्य का जीवन राग, द्वेष, मोह से जब मुक्त होगा, तब ही जीवन का कोई मतलब है. उन्होंने कहा कि ये पुस्तक विश्व शांति, विश्व कल्याण और विश्व बंधुत्व को एक नया आयाम देगा. साथ ही बौद्ध धर्म के धार्मिक, बौद्धिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक आयाम से लोगों को परिचित भी कराएगा.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी पहल पर तेल्हाड़ा की खुदाई करवाई है और वहां एक नया विश्वविद्यालय उभरकर सामने आया है, जो दूसरी सदी का है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा, उदवंतपुरी और तेल्हाड़ा ज्ञान की भूमि है. हमने न्याय के साथ विकास का सिद्धांत अपनाया है और हम सिर्फ लोगों का ही नहीं बल्कि पर्यावरण और जीव जंतुओं को ध्यान में रखते हुए विकास का कार्य करते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार की दिशा में भी बिहार में कदम उठाए गए हैं और 1 अप्रैल 2016 से बिहार में शराबबंदी लागू की गई है. उन्होंने कहा कि कालचक्र पूजा के बाद 21 जनवरी 2017 को बिहार में मानव श्रृंखला बनी थी, जिसमें चार करोड़ लोगों ने अपनी भावना को प्रकट किया था.

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उन्होंने कहा कि दो कुरीतियों के खिलाफ बिहार में सशक्त अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें एक दहेज प्रथा और दूसरा बाल विवाह है. उन्होंने कहा कि गत वर्ष की तरह इस साल भी 21 जनवरी रविवार के दिन पूरे बिहार में मानव श्रृंखला बनेगी ताकि बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को जागृत किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गया की भूमि अद्भुत है, यह भूमि ज्ञान और निर्वाण दोनों की भूमि है. मुख्यमंत्री ने कहा कि परम पावन दलाई लामा इंडियन यूथ को भी भगवान बुद्ध के वैज्ञानिक दर्शन से अवगत करा रहे हैं, यह प्रसन्नता की बात है.

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के मौके पर परम पावन दलाई लामा जी ने भगवान बुद्ध की तस्वीर प्रतीक चिन्ह स्वरूप मुख्यमंत्री को भेंट किया. इसके बाद मुख्यमंत्री महाबोधि मंदिर पहुंचे जहां मंदिर के गेट नंबर 2 पर शिलापट्ट का अनावरण कर मुख्य मंदिर गेट के उत्तर और पूरब में बने चारदीवारी का उद्घाघाटन किया. उसके बाद महाबोधि मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद मुख्यमंत्री वज्रासन ज्ञानस्थली पहुंचे, जहां भगवान बुद्ध ने बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त की थी.

मुख्यमंत्री ने बोधिवृक्ष की भी पूजा अर्चना की. उसके बाद मेडिटेशन पार्क पहुंचे. महाबोधि मंदिर प्रांगण का भ्रमण कर मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सारे स्ट्रक्चर यहां बेवजह हो गए हैं, इन्हें व्यवस्थित और सौन्दर्यीकरण करके पुलिस और स्टोरेज का भवन एक जगह बनाया जाए. इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और महाबोद्धि मन्दिर प्रबंधन समिति को निर्देष दिया.

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इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गादेन थ्ट्री रिनपोचे, विमोचित पुस्तक के जेनरल एडिटर डॉक्टर थुपटें जिनपा, शाक्या थट्रीजिन रिनपोचे, बोधगया मंदिर प्रबंधन कमिटी के सचिव नानजे दोरजी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मगध प्रमंडल आयुक्त जितेंद्र श्रीवास्तव, मगध प्रक्षेत्र के डीआईजी विनय कुमार, जिलाधिकारी अभिषेक सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक, सभी रिनपोचे एवं सभी खेन्पोस सहित काफी संख्या में देश-विदेश से आए बौद्ध धर्मावलम्बी एवं स्थानीय लोग मौजूद थे.

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