लॉकडाउन के दौरान लोगों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी ओल्ड ऐज के वैसे दंपतियों को है जिनका कोई अपना साथ में नही रह रहा है.
पटना के कंकड़बाग इलाके में तीन दिनों से भूखे दंपति को जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो उन्होंने पुलिस थाने में फोन कर अपनी परेशानी बताई. ये बुजुर्ग घर में खाने को कुछ नहीं है कह कर जब रोने लगे तब कंकड़बाग के थानेदार ने उन्हें खाना पहुंचाया. ऐसे बहुत सारे उदाहरण देखने को मिल रहे हैं.
वॉट्सएप ग्रुप से मदद
इस समस्या के समाधान का हल निकाला है मुजफ्फपुर के कुछ युवाओं ने जिसका प्रयोग हर शहर, हर मुहल्ले या अपार्टमेंट में किया जा सकता है. मुजफ्फरपुर के युवाओं ने एक लॉकडाउन प्रॉब्लम सोल्यूशन नाम का एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया है जिसमें करीब ढाई सौ लोग जुड़े हैं.
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ग्रुप में डॉक्टर-दुकानदार
इस ग्रुप में डॉक्टर, मेडिकल स्टोर चलाने वाले लोग, रोजमर्रा की जरूरत वाले दुकानदार, वृद्ध दंपति और युवा भी जोड़े गए हैं. जिसे भी किसी प्रकार की कोई दिक्कत है या जरूरत है वो इस ग्रुप में अपनी समस्या को लिखता है और तुरंत उन्हें इसका समाधान मिलता है.
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पिछले दिनों रात में एक लड़की की अचानक तबीयत खराब हो गई तो उसने अपनी हालत के बारे में वॉट्सएप ग्रुप में लिखा. उसी ग्रुप में मौजूद डॉक्टर गौरव ने तुरंत लक्षण देखकर दवा लिख दी. कुछ लोग दवा को उस लड़की के घर तक लेकर पहुंच गए. इसी तरह से एक बुजुर्ग दंपति को कुछ सामान की जरूरत थी जिसे इस ग्रुप के माध्यम से उपलब्ध करा दिया गया.
लॉकडाउन प्रॉब्लम सॉल्यूशन ग्रुप के एडमिन पंकज ने बताया कि हमलोग जरूरतमंद खासकर अकेले रहने वाले बुजुर्गों की दवा, राशन या अन्य कोई समस्या का समाधान निकालते हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक दवा और इलाज संबंधी अपील इस ग्रुप पर ज्यादा आई है.
सुजीत झा