बिहार: IRCTC घोटाला मामले में RJD के पूर्व विधायक अबु दोजाना के घर ईडी की छापेमारी

बिहार के पटना में आरजेडी के पूर्व विधायक अबु दोजाना के घर प्रवर्तन निदेशालल ने छापेमारी की है. ईडी की टीम दोजाना के पटना स्थित घर पर पहुंची है. ये छापेमारी पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़े आईआरसीटीसी घोटाले के मामले में की गई है.

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अबू दोजाना अबू दोजाना

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 10 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 9:47 AM IST

आईआरसीटीसी घोटाला यानी जमीन के बदले रेलवे में नौकरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरजेडी के पूर्व विधायक अबु दोजाना के पटना स्थित घर पर छापेमारी की. 

बता दें कि इसी घोटाले के सिलसिले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती सहित 14 आरोपियों को बीते माह समन जारी किया था. इन्हें 15 मार्च को कोर्ट के समक्ष पेश होने को कहा गया है. कोर्ट 15 मार्च को कोर्ट सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू करेगा और उसके बाद आरोप तय किए जाएंगे.

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बता दें कि रेलवे भर्ती घोटाला मामले में लालू यादव के करीबी व पूर्व विधायक भोला यादव और हृदयानंद चौधरी भी अभियुक्त हैं. आरजेडी नेता लालू यादव के ओएसडी रहे भोला यादव को सीबीआई ने बीते साल 27 जुलाई को गिरफ्तार किया था. इन्हें नौकरी के बदले जमीन लेने के रेलवे भर्ती घोटाले में आरोपी बनाया गया है. ये 2004 से 2009 के बीच तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के ओएसडी थे.

क्या है IRCTC घोटाला मामला

दरअसल साल 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री रहे थे. उस समय इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के जरिए रांची और पुरी में चलाए जाने वाले दो होटलों की देखरेख का काम अचानक सुजाता होटल्स नाम की कंपनी को दे दिया गया. विनय और विजय कोचर इस कंपनी के मालिक थे और सुजाता होटल्स ने इसके बदले में कथित तौर पर लालू यादव को पटना में तीन एकड़ जमीन दे दी, जो बेनामी संपत्ति थी.

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2006 में रांची और ओडिशा के पुरी में आईआरसीटीसी के दो होटलों के ठेके पटना में एक प्रमुख स्थान पर तीन एकड़ के वाणिज्यिक भूखंड के रूप में रिश्वत में शामिल एक निजी फर्म को आवंटित करने में कथित अनियमितताएं थीं. प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामले में चार्जशीट दाखिल की थी और उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया था. इस मामले में सीबीआई कई बार राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव से भी पूछताछ की थी. इसके बाद सीबीआई ने 2017 में सभी के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया था. 2018 में इस मामले में जमानत दे दी गई थी.

 

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