नवाचार को बढ़ावा देने, छात्र उद्यमियों की सहायता में शैक्षिक संस्थानों की खास भूमिका: पारुल विश्वविद्यालय

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2015 में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पारुल यूनिवर्सिटी ने सेक्शन 8 कंपनी, PIERC को पंजीकृत किया, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और भी स्पष्ट हो गई है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST
  • पारुल यूनिवर्सिटी अपने पारुल इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप रिसर्च सेंटर (PIERC) के विस्तार और संवर्धन के साथ उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है.
  • 2015 में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पारुल यूनिवर्सिटी ने सेक्शन 8 कंपनी, PIERC को पंजीकृत किया, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और भी स्पष्ट हो गई है.
  • पारुल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. देवांशु पटेल ने आज की गतिशील दुनिया में उद्यमशीलता कौशल के महत्त्व पर जोर देते हुए कहा, "पारुल यूनिवर्सिटी में, हम मानते हैं कि सफलता के लिए उद्यमशीलता कौशल आवश्यक है.

पारुल यूनिवर्सिटी अपने पारुल इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप रिसर्च सेंटर (PIERC) के विस्तार और संवर्धन के साथ उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है. आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए, पारुल यूनिवर्सिटी ने खुद को भारत में उभरते उद्यमियों के लिए समर्थन के एक प्रकाश स्तंभ के रूप में स्थापित किया है.

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2015 में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पारुल यूनिवर्सिटी ने सेक्शन 8 कंपनी, PIERC को पंजीकृत किया, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और भी स्पष्ट हो गई है. PIERC स्टार्टअप्स को पूर्ण समर्थन और सेवाएं प्रदान करने के लिए समर्पित है, जो उन्हें शुरुआत से लेकर विकास के चरण तक मार्गदर्शन प्रदान करता है.

 

पारुल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. देवांशु पटेल ने आज की गतिशील दुनिया में उद्यमशीलता कौशल के महत्त्व पर जोर देते हुए कहा, "पारुल यूनिवर्सिटी में, हम मानते हैं कि सफलता के लिए उद्यमशीलता कौशल आवश्यक है. पीआईईआरसी एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है, जो छात्रों को उनके विचारों को लाभदायक प्रयासों में बदलने के लिए आवश्यक उपकरण, दिशा और प्रोत्साहन प्रदान करता है."

 

पीआईईआरसी उद्यमियों के लिए निम्न सुविधाओं के साथ एक व्यापक माहौल प्रदान करता है=:

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1. स्टार्टअप परामर्श और सहायता:

 

इसके जरिए इच्छुक उद्यमियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाती है

छात्रों को उनके व्यावसायिक विचारों को परिष्कृत करने और उन्हें वास्तविक दुनिया की आवश्यकताओं और चुनौतियों के साथ सामंजस्य बैठाने में मदद की जाती है

 

2. तीव्र प्रोटोटाइपिंग के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी युक्त फैब लैब:

 

 

● 3D प्रिंटर, लेजर कटर और सीएनसी राउटर जैसी अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई जाती है

प्रोटोटाइप के निर्माण और परीक्षण को सुगम बनाया जाता है, प्रोडक्ट के विकास की प्रक्रिया को गति दी जाती है

 

3. प्री-सीड एवं सीड अनुदान एवं वित्तपोषण अवसरों तक पहुंच:

 

स्टार्टअप्स को प्री-सीड और सीड अनुदान सहित वित्तपोषण के विभिन्न स्रोतों से जोड़ा जाता है

निजी निवेशकों, सरकारी अनुदानों और अल्पकालिक ऋणों से धन प्राप्त करने में मार्गदर्शन दिया जाता है

स्टार्टअप्स को फंडिंग परिदृश्य को समझने और उनके विकास को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय संसाधनों तक पहुंच में मदद की जाती है

 

4. सह-कार्य स्थान और संबद्ध संसाधन:

 

स्टार्टअप्स को सहयोग और नवाचार के लिए सुविधाजनक कार्यस्थल, मीटिंग लाउंज और सेमिनार हॉल उपलब्ध  कराए जाते हैं

उद्यमियों के बीच नेटवर्किंग और ज्ञान साझा करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जाता है

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5. अनुकूलित स्टार्टअप कार्यक्रम:

 

इसमें स्टार्टअप के विशिष्ट लक्ष्यों और चुनौतियों के अनुरूप इनक्यूबेशन प्रोग्राम, लॉन्चपैड प्रोग्राम और एक्सेलेरेशन प्रोग्राम शामिल हैं

स्टार्टअप्स को अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करने के लिए संरचित समर्थन और सलाह प्रदान करता है

 

6. उत्पाद विकास सुविधाएं:

 

उत्पाद विकास और परिशोधन के लिए सुविधाओं और संसाधनों से सुसज्जित

बाजार की तत्परता सुनिश्चित करने के लिए नवप्रवर्तकों को अपने उत्पादों का प्रोटोटाइप बनाने, परीक्षण करने और पुनरावृत्ति करने में सक्षम बनाता है

 

7. अनुभवी स्टार्टअप मेंटर्स और डोमेन विशेषज्ञों से जुड़ें:

 

स्टार्टअप के अनुभवी सलाहकारों और डोमेन विशेषज्ञों के बीच संपर्क को सुगम बनाता है

स्टार्टअप्स को उनके विकास और सफलता में तेजी लाने में मदद करने के लिए अमूल्य मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करता है

 

 

पारुल यूनिवर्सिटी के उद्यमिता विकास केंद्र का प्रभाव निर्विवाद है, जिसमें 180 से अधिक स्टार्टअप इनक्यूबेट किए गए, 1100 से अधिक नौकरियां पैदा की गईं और30 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया. इसके अतिरिक्त, PIERC ने 40,000 से अधिक छात्रों को उद्यमिता में शिक्षित किया है और स्टार्टअप उपक्रमों का समर्थन करने के लिए8.6 करोड़ से अधिक की फंडिंग की सुविधा प्रदान की है.

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पारुल यूनिवर्सिटी का उद्यमिता विकास केंद्र उद्यमियों की अगली पीढ़ी को पोषित करने और नवाचार और उद्यम के माध्यम से आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. अपनी व्यापक सहायता प्रणाली के साथ, PIERC छात्रों को उनके विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए सशक्त बनाना जारी रखता है, जिससे भारत का उद्यमशीलता परिदृश्य और समृद्ध होता है.

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