इम्यूनोजेनेटिक्स के साथ IVF में नया दौर, भारत में ARGI की औपचारिक शुरुआत

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Press Release | 27 जुलाई को बेंगलुरु में आयोजित ARGI के प्रथम सम्मेलन में देश-विदेश के अग्रणी विशेषज्ञ शामिल हुए.

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aajtak.in

  • New Delhi,
  • 14 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST
  • संगठन का लक्ष्य प्रजनन चिकित्सा में इम्यूनोजेनेटिक्स विज्ञान को मुख्यधारा में लाना है
  • ARGI के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में डॉ. जयेश अमीन को नियुक्त किया गया
  • 27 जुलाई को बेंगलुरु में आयोजित ARGI के प्रथम सम्मेलन में देश-विदेश के अग्रणी विशेषज्ञ शामिल हुए

भारत में प्रजनन उपचार को नई दिशा देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. देशभर के 350 से ज्यादा आईवीएफ विशेषज्ञों, इम्यूनोलॉजिस्ट्स, जेनेटिसिस्ट्स और शोधकर्ताओं ने मिलकर एसोसिएशन ऑफ रिप्रोडक्टिव जेनेटिक्स एंड इम्यूनोलॉजी (ARGI) का गठन किया है. यह देश का पहला पेशेवर संगठन है, जो रिकरेंट इम्प्लांटेशन फेल्योर और रिकरेंट प्रेग्नेंसी लॉस जैसे जटिल मामलों के समाधान के लिए समर्पित है.

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संगठन का लक्ष्य प्रजनन चिकित्सा में इम्यूनोजेनेटिक्स विज्ञान को मुख्यधारा में लाना है, ताकि अस्पष्ट बांझपन वाले मामलों में सटीक निदान और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित इलाज उपलब्ध कराया जा सके.

ARGI के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में डॉ. जयेश अमीन को नियुक्त किया गया है, जो दो दशकों से आईवीएफ चिकित्सा के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अहमदाबाद स्थित डॉ. अमीन सहायक प्रजनन चिकित्सा में अपने व्यापक अनुभव और योगदान के लिए जाने जाते हैं. ARGI सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ARGI इस विश्वास पर आधारित है कि विज्ञान और उपचार को मिलकर ‘अनएक्सप्लेंड’ को समझना होगा. हमारा फोकस छिपी हुई प्रतिरक्षा संबंधी गड़बड़ियों और जेनेटिक असमानताओं की पहचान पर है, ताकि बार-बार हो रही प्रजनन विफलताओं का समाधान किया जा सके. हमारा उद्देश्य है, बार-बार होने वाले इम्प्लांटेशन फेल्योर और अस्पष्ट गर्भपात की घटनाओं को कम करना.

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27 जुलाई को बेंगलुरु में आयोजित ARGI के प्रथम सम्मेलन में देश-विदेश के अग्रणी विशेषज्ञ शामिल हुए. इस दौरान वैयक्तिकृत चिकित्सा के बढ़ते महत्व और प्रजनन उपचार में इसकी भूमिका पर विशेष चर्चा हुई. इम्यूनोलॉजी और सेल थेरेपी की जानी-मानी विशेषज्ञ डॉ. वसंती पलानीवेल को संगठन की उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया. उन्होंने कहा, ARGI सिर्फ एक वैज्ञानिक पहल नहीं है, बल्कि करुणामय और व्यक्तिगत देखभाल की ओर एक ठोस कदम है. यह एक ऐसा मंच बनेगा, जहां डॉक्टर और शोधकर्ता मिलकर मरीजों की जिंदगी में वास्तविक परिवर्तन ला सकें.

ARGI का गठन पारंपरिक ‘ट्रायल एंड एरर’ आधारित आईवीएफ तरीकों से हटकर डेटा-संचालित, व्यक्तिगत समाधान अपनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है. संगठन आने वाले समय में मल्टी-सेंटर क्लिनिकल ट्रायल्स, मानकीकृत डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल्स और राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत डेटा बेस स्थापित करने की योजना बना रहा है, ताकि रिप्रोडक्टिव इम्यूनोजेनेटिक्स पर अनुसंधान को गति दी जा सके.

इसके साथ ही, ARGI देशभर के फर्टिलिटी विशेषज्ञों को अपस्किलिंग प्रोग्राम्स, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और इम्यूनोजेनेटिक्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा. संगठन अगली पीढ़ी के प्रजनन विशेषज्ञ तैयार करने पर भी जोर देगा.

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