जांघों के मसल्स खोखला कर रहा पसंदीदा जंक फूड! चिप्स-बर्गर खाने वाले सावधान

जंक और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड न सिर्फ मोटापा बढ़ा रहे हैं, बल्कि आपके मसल्स को भी अंदर से खोखला कर रहे हैं. हालिया रिसर्च के मुताबिक, ज्यादा पैकेटबंद खाना खाने से जांघों की मांसपेशियों में चर्बी जमा होने लगती है, जिससे बुढ़ापे में चलने-फिरने की ताकत खत्म हो सकती है.

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जंक फूड से मोटापा ही नहीं मसल्स भी कमजोर हो रहे हैं. (Photo: AI Generated) जंक फूड से मोटापा ही नहीं मसल्स भी कमजोर हो रहे हैं. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:51 AM IST

Ultra Processed Food Side Effect: समय की कमी और भागदौड़ भरी जिंदगी में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड यानी पैकेटबंद खाना सभी की डाइट का अहम हिस्सा बन चुका है. चिप्स, बर्गर, सोडा और रेडी-टू-ईट मील देखने और खाने में तो काफी अच्छे लगते हैं लेकिन वे शरीर पर गलत असर डालते हैं. जर्नल रेडियोलॉजी में पब्लिश हुई स्टडी के मुताबिक, जो लोग अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) का अधिक सेवन करते हैं, उनके जांघों के मसल्स की क्वालिटी गिर रही है. MRI स्कैन में पाया गया है कि इन चीजों के सेवन से मसल्स के बीच में फैट (चर्बी) जमा होने लगती है जो शरीर की मजबूती को खत्म कर देती है. ऐसा क्यों होता है, इस बारे में जान लीजिए.

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मसल्स में जमा हो रही है चर्बी

रिसर्चर्स ने घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के जोखिम वाले 615 लोगों के एमआरआई डेटा का एनालेसिस किया जिसमें सामने आया कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सीधा संबंध 'मसल फैट इनफिल्ट्रेशन' से है. इसका मतलब है कि मसल्स बाहर से भले ही नॉर्मल दिखें लेकिन उनके अंदरूनी फाइबर में चर्बी जमने लगती है. 

जब मसल्स में फैट बढ़ता है तो उनके काम करने की क्षमता प्रभावित होती है और ये समस्या उन लोगों में भी देखी गई है जिनका वजन नॉर्मल था. इसका मतलब है कि जंक फूड सिर्फ वजन ही नहीं बढ़ाते बल्कि खाने की खराब क्वालिटी सीधे आपके मसल्स पर भी हमला करती है.

बुढ़ापे में बढ़ सकती है मुसीबत

जांघों के मसल्स हमारे शरीर को बैलेंस देने और चलने-फिरने के लिए सबसे जरूरी होती हैं. रिसर्चर्स का कहना है कि अगर मसल्स की क्वालिटी इसी तरह गिरती रही तो बुढ़ापे में व्यक्ति की मोबिलिटी यानी चलने-फिरने की शक्ति काफी कम हो सकती है. 

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रिसर्च में पाया गया है कि 60 साल के आसपास की उम्र के लोगों में यह जोखिम अधिक देखा गया. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जबकि प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व न के बराबर होते हैं. यही न्यूट्रिशन का इम्बैलेंस शरीर के मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम को कमजोर कर रहा है.

मोटापा भी एक खतरा

रिसर्च में पाया गया है कि शरीर के कुल वजन (BMI) को कंट्रोल करने के बाद भी यह खतरा कम नहीं होता. स्टडी बताती है कि अगर आपकी कमर का घेरा ज्यादा है और आप प्रोसेस्ड फूड खाते हैं तो मसल्स में फैट जमा होने की प्रोसेस और तेज हो जाती है. 

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि घुटनों के दर्द और भविष्य में होने वाली शारीरिक कमजोरी से बचना है तो डाइट में बदलाव जरूरी है. ताजी सब्जियां, फल और घर का बना खाना ही मसल्स को लंबे समय तक मजबूत रख सकती हैं.

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