गर्भनिरोधक इंजेक्शन का खतरनाक साइड इफेक्ट! एक गलती से महिला ने गंवाई आंखों की रोशनी

अनचाहे गर्भ से बचने के लिए एक महिला ने गर्भनिरोधक का सहारा लिया और उसकी आंखों की रोशनी चली गई है. इसका कारण क्या रहा, इस बारे में जानेंगे.

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हार्मोनल गर्भनिरोधक के साइड इफेक्ट भी होते हैं. (Photo: ITG) हार्मोनल गर्भनिरोधक के साइड इफेक्ट भी होते हैं. (Photo: ITG)

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:46 PM IST

हेल्थ और फैमिली प्लानिंग के लिए महिलाएं अक्सर अलग-अलग तरह के गर्भनिरोधकों (Contraceptives) का चुनाव करती हैं, लेकिन कभी-कभी इनके साइड इफेक्ट्स बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं. ब्रिटेन की एक मां के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जिसकी एक छोटी सी मेडिकल प्रक्रिया ने उसे हमेशा के लिए एक बड़ी मुश्किल में डाल दिया. द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महिला ने गर्भनिरोधक इंजेक्शन लेने के कुछ ही समय बाद अपनी आंखों की रोशनी खो दी. शुरुआत में इसे सामान्य सिरदर्द समझा गया था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी नजर धुंधली होती गई लेकिन आखिर में उनके आंख की रोशनी चली गई.

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अचानक बिगड़ी तबीयत

रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने अपनी सुविधा के लिए 'कंट्रासेप्टिव इंजेक्शन' का विकल्प चुना था. इंजेक्शन लगवाने के कुछ हफ्तों बाद ही उन्हें सिर के पीछे तेज दबाव और आंखों में भारीपन महसूस होने लगा. 

महिला को लगा कि शायद यह काम के तनाव या थकान की वजह से है, लेकिन जब धुंधलापन बढ़ने लगा और चीजें साफ दिखना बंद हो गईं तब उन्हें खतरे का एहसास हुआ. डॉक्टरों ने जब उनकी जांच की, तो सामने आया कि उनके शरीर ने इस हार्मोनल बदलाव के प्रति बहुत गंभीर प्रतिक्रिया दी थी.

क्या है 'इडियोपैथिक इंट्राक्रैनील हाइपरटेंशन'?

जांच में पता चला कि महिला को 'इडियोपैथिक इंट्राक्रैनील हाइपरटेंशन' (IIH) नामक एक दुर्लभ स्थिति का सामना करना पड़ा. गर्भनिरोधक में मौजूद हार्मोन्स की वजह से उनके दिमाग के आसपास लिक्विड्स का दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया.

यह बढ़ा हुआ दबाव सीधे ऑप्टिक नर्व (आंखों की नस) पर पड़ा, जिससे नसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. यही मुख्य कारण था कि उनकी देखने की क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई.

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इलाज का लंबा दौर और दर्दनाक अनुभव

निकोला को कई हफ्तों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा. उनके मस्तिष्क से दबाव कम करने के लिए डॉक्टरों ने कई प्रोसीजर्स किए जिसमें उनकी रीढ़ की हड्डी से लिक्विड को बाहर निकालना भी शामिल था. हालांकि डॉक्टरों ने अपनी पूरी कोशिश की लेकिन उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह वापस नहीं आ सकी. 

अब महिला सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से महिलाओं को यह संदेश दे रही हैं कि किसी भी हार्मोनल गर्भनिरोधक का उपयोग करने से पहले उसके संभावित गंभीर जोखिमों के बारे में डॉक्टर से विस्तार से बात करनी चाहिए.

विशेषज्ञों की चेतावनी और सावधानी

विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं, लेकिन इन्हें पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता. अगर किसी भी तरह का गर्भनिरोधक लेने के बाद आपको लगातार सिरदर्द, आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. इसलिए बिना एक्सपर्ट की सलाह के इनका सेवन न करें.

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