फैक्ट चेक: कठुआ में मजदूरों के प्रदर्शन का वीडियो सूरत का बताकर वायरल

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह घटना जम्मू-कश्मीर के कठुआ की है, जहां एक कपड़ा मिल कंपनी के मजदूर पूरी मजदूरी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे और अपने घर लौटने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
गुजरात के सूरत में हिंसक विरोध-प्रदर्शन का वीडियो, जहां लोग मांग कर रहे हैं कि उन्हें या तो राशन मुहैया कराया जाए या गोली मार दी जाए.
सच्चाई
यह वीडियो जम्मू-कश्मीर के कठुआ में विरोध-प्रदर्शन कर रहे मिल मजदूरों का है. प्रदर्शनकारी अपना पूरा मेहनताना और उन्हें घर लौटने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे

अमनप्रीत कौर

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2020,
  • अपडेटेड 5:39 PM IST

हाल ही में गुजरात में प्रवासी मजदूरों ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किया. लॉकडाउन के चलते ज्यादातर उद्योग बंद हैं, इसलिए प्रवासियों ने मांग की कि उन्हें काम, भोजन और पैसे के अभाव में घर वापस भेजा जाए.

इसके बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग मकानों और वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे हैं. इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह घटना गुजरात के सूरत में हुई थी, जहां लोग मांग कर रहे हैं कि उन्हें या तो राशन मुहैया कराया जाए या उनकी गोली मारकर हत्या कर दी जाए.

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पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह घटना जम्मू-कश्मीर के कठुआ की है, जहां एक कपड़ा मिल कंपनी के मजदूर पूरी मजदूरी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे और अपने घर लौटने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे.

AFWA की पड़ताल

हमने गौर किया कि वीडियो की शुरुआत में दायें कोने पर एक बोर्ड पर लिखा था "चेनाब टेक्सटाइल". हमने इंटरनेट पर “Chenab Textile protests” सर्च किया और इस घटना के बारे में पता चल गया.

यह घटना जम्मू-कश्मीर के कठुआ की है, जहां 8 मई को चिनाब टेक्सटाइल मिल्स के कर्मियों ने हिंसक विरोध-प्रदर्शन किया था. ज्यादातर प्रदर्शनकारी प्रवासी मजदूर थे जो अपनी पूरी मजदूरी और घर वापस जाने के लिए टिकट की मांग कर रहे थे.

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केंद्र और राज्य सरकारों ने अपने यहां बसे प्रवासी मजदूरों के घर वापस लौटने के लिए बसों और श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है. कठुआ में प्रदर्शनकारी मजदूर भी ऐसी ही व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे.

हमें इस विरोध-प्रदर्शन के बारे में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स भी मिलीं जिनमें इस्तेमाल तस्वीरों में “चिनाब टैक्सटाइल मिल्स” का बोर्ड और टूटी हुई पुलिस की गाड़ी देखी जा सकती है जो कि वायरल वीडियो में भी मौजूद है.

न्यूज एजेंसी “एएनआई” ने भी इस प्रदर्शन की तस्वीरें ट्वीट की थीं.

निष्कर्ष

गुजरात के सूरत और अहमदाबाद जिलों में भी हाल में विभिन्न उद्योगों में कार्यरत प्रवासी मजदूरों की ओर से विरोध-प्रदर्शन किया गया. इन प्रवासियों का कहना है कि कारखाने बंद हो गए हैं, इसलिए उनके पास अब पैसे और खाना नहीं हैं, इसलिए उन्हें वापस उनके घर लौटने की व्यवस्था की जानी चाहिए.

प्रवासी मजदूरों की शिकायत है कि इन परिस्थितियों में भी उनके मकान मालिक उनसे किराया मांग रहे हैं. कुछ जगह विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिससे पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया और कुछ को हिरासत में ले लिया.

लेकिन यह वायरल वीडियो सूरत का नहीं है, जहां लोग मांग कर रहे हैं कि उन्हें या तो राशन मुहैया कराया जाए या उन्हें गोली मार दी जाए. यह वीडियो जम्मू-कश्मीर के कठुआ का है, जहां प्रवासी मजदूर अपना पूरा मेहनताना और घर लौटने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं.

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