फैक्ट चेक: दीपावली को लेकर मोदी ने नहीं की है ये अपील, वायरल चिट्ठी पुरानी और फर्जी है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पत्र वायरल हो रहा है. इसमें उन्होंने लोगों से अपील की है कि वो दिवाली पर सिर्फ भारत में बनी चीजें ही खरीदें? हमने इस वायरल पत्र का फैक्ट चेक किया. आप भी पढ़िए और जानिए क्या है पीएम नरेन्द्र मोदी की इस वायरल चिट्ठी का सच...

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपील की है कि आने वाले दिवाली के त्योहार पर सभी लोग सिर्फ भारत में बनी चीजों का ही इस्तेमाल करें.
सच्चाई
ये चिट्ठी फर्जी है. साल 2016 से ही वायरल हो रहे इस पत्र का खंडन खुद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर किया था.

फैक्ट चेक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 22 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 6:39 PM IST

क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि वो दीपावली में सिर्फ भारत में बनी चीजें ही खरीदें? सोशल मीडिया पर मोदी के हस्ताक्षर और फोटो वाली एक चिट्ठी वायरल हो रही है जिसमें ठीक यही बात कही गयी है.

खास बात ये है यही चिट्ठी पिछले कई सालों से दिवाली के पहले सोशल मीडिया पर घूमने लगती है और हो सकता है कि ये पत्र आपने पहले भी देखा हो.

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इसमें लिखा है, "मेरे प्यारे भारत वासियों, आप सब इस बार इतना करें कि आने वाले दीपावली पर्व पर अपने घरों में रोशनी सजावट, मिठाई इन सब में केवल भारत में बनी सामग्री का प्रयोग करें. आशा करता हूं आप इस प्रधान सेवक की बात को जरूर मानेंगे. आप छोटे-छोटे कदमों से अगर मेरा साथ दो तो मैं आप से वादा करता हूं हमारे भारत को दुनिया की सबसे आगे वाली पंक्ति में प्रथम स्थान पर खड़ा पाओगेब". चिट्ठी के आखिर में पीएम मोदी के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं.

कई लोग इस चिट्ठी को सही मानकर खूब शेयर कर रहें हैं.

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने इस चिट्ठी को शेयर करते हुए लिखा, " एक संदेश माo प्रधानमंत्री जी की तरफ से देशवासियो के लिए. जय हिन्द.

वायरल चिट्ठी

इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि 2016 से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये चिट्ठी फर्जी है. प्रधानमंत्री मोदी ने खुद ट्विटर पर इस पत्र का खंडन किया था.

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क्या है सच्चाई?

वायरल फोटो को रिवर्स सर्च करने पर हमें पीएम मोदी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस चिट्ठी के बारे में एक ट्वीट मिला. 31 अगस्त, 2016 के इस ट्वीट के साथ एक धुंधली फोटो भी लगी है, जो दिखने में वायरल पत्र से काफी मेल खा रही है. ट्वीट में बताया गया है कि पीएम मोदी के हस्ताक्षर के साथ शेयर हो रहा ये डॉक्यूमेंट फेक है. इस तरह का कोई भी पत्र पीएमओ ने जारी नहीं किया है.

किरण बेदी ने भी 2016 में ट्विटर पर इस फर्जी चिट्ठी को शेयर कर दिया था. सही जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे शेयर करने पर पछतावा जताया था.

कीवर्ड सर्च की मदद से इस चिट्ठी के बारे में हमे साल 2016 की कुछ न्यूज रिपोर्ट्स भी मिलीं. इनमें भी जानकारी दी गई है कि सरकार ने दिवाली पर सिर्फ 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट इस्तेमाल करने जैसी कोई अपील नहीं की है, और वायरल हो रही चिट्ठी पूरी तरह फर्जी है.

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी के दस्तखत इंटरनेट पर मौजूद हैं. किसी ने एडिटिंग के जरिए इन्हें एक फर्जी पत्र पर लगा दिया है. पीएम के दस्तखत मौजूद होने की वजह से लोग इस फर्जी चिट्ठी को सही समझ कर हर साल इसे शेयर करने लगते हैं.

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