फैक्ट चेक: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नहीं लगाई गई प्रधानमंत्री मोदी की ये तस्वीर

कश्मीर में तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राक्षस जैसे दर्शाया गया है और साथ ही लिखा है “मोदी कश्मीर का ड्रैकुला”.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लगे मोदी के ड्रैकुला वाले पोस्टर
सच्चाई
पोस्टर लंदन में लगाया गया था न की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में

विद्या

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 7:35 PM IST

कश्मीर में तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राक्षस जैसे दर्शाया गया है और साथ ही लिखा है “मोदी कश्मीर का ड्रैकुला”. कई लोगों  ने इस तस्वीर को शेयर किया और लिखा ये उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की है.

दावा क्या है?

फेसबुक यूज़र शारदेंदु त्रिपाठी ने पोस्टर का फोटो अपलोड किया और लिखा “मोदी जी को ड्रैकुला दिखाती ये तस्वीर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बताई जा रही है, यह पूरे देश का अपमान है, यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं, देश के लोकतंत्र के साथ गद्दारी है, जिसने प्रचंड बहुमत से अपने प्रधानमंत्री को चुना है. असल में जब तक अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी और उसकी तरह अनेक संस्थानों का मुस्लिम स्टेटस रहेगा ये ऐसी हरकते करते रहेंगे , भारत जैसे धर्म निरपेक्ष देश में धार्मिक अलगाववाद की कोई जरूरत नहीं इन संस्थानों का चरित्र बदल दो, वहां के जिहादी प्रोफेसर्स को जबरन रिटायरमेंट दो, वहां राष्ट्रवादियों की नियुक्ति करो. वहां गैर मुस्लिम छात्रों को एडमिशन करने के लिये प्रोत्साहित करो, मोदी जी अब इनका सर्जिकल स्ट्राइक बहुत जरूरी है.”

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इसका आर्काइवड वर्ज़न यहां देखा जा सकता है. इस पोस्ट पर लोग कमेंट करते वक्त लोग एएमयू के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे हैं.

कई और फेसबुक यूज़र्स ने इस पोस्ट को भी अपलोड किया है.

क्या है तस्वीर की सच्चाई?

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि इस पोस्टर का इस्तेमाल भारत में नहीं बल्कि लंदन में किया गया था.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने इस पोस्टर पर लिखे शब्द  “मोदी कश्मीर का ड्रैकुला” इंटरनेट पर सर्च किया तो पाया की दरअसल जम्मू-कश्मीर से धारा-370 को निष्प्रभावी करने के बाद 15 अगस्त को लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने प्रदर्शन आयोजित किया गया था.

इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उसी समय फोटो और वीडियो शेयर किए थे. इस मामले में लंदन में चार लोगों की गिरफ्तारी भी हुई और इससे जुड़ी खबर यहां पढ़ी जा सकती है.

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हमने एएमयू के प्रवक्ता ओमार सलीम पीरज़ादा से बात की जिन्होंने कहा, “ ये अलीगढ़ मुस्लिम यूनिर्वसिटी के छात्रों को बदनाम करने की एक नापाक कोशिश है. यहां ऐसी बातों को बर्दाश्त नहीं किया जाता और यहां के छात्रों को भी ये पता है. हमारी अपनी जांच में ये सामने आया है कि फोटो अपलोड करने वाले आदमी का अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से कुछ लेना देना नहीं है. वो दिल्ली से है. हम कानूनी संभावनाओं को तलाश रहे हैं जिसके तहत ऐसी अफवाहें फैलानेवालों के खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है.”

अलीगढ़ पुलिस ने भी विश्वविद्यालय परिसर में ऐसी किसी पोस्टर लगने से इनकार किया है.

निष्कर्ष

साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रैकुला वाले पोस्टर को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से इसका कोई लेना देना नहीं है. ये पोस्टर लंदन में लगाये गए थे जिसे सोशल मीडिया पर अलीगढ़ का बताया गया.

(अलीगढ़ से अकरम खान का इनपुट)

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