फैक्ट चेक: नवजात के साथ मां की पुरानी तस्वीर कोरोना संकट से जोड़कर वायरल

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर हो रही है, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि कोरोना संकट के समय में गर्भवती महिला को एंबुलेंस नहीं मिली, जिसके कारण इसे सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा, लेकिन प्रसव के दौरान बच्चा गिरकर मर गया.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कोरोना संकट के कारण गर्भवती महिला को एंबुलेंस नहीं मिली, जिससे उसने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया, लेकिन बच्चा मर गया.
सच्चाई
वायरल हो रही तस्वीर मध्य प्रदेश के कटनी की है और करीब तीन साल पुरानी है.

अमनप्रीत कौर

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2020,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें सड़क पर एक महिला बैठी हुई है और उसके सामने एक नवजात पड़ा हुआ है. सड़क पर खून भी नजर आ रहा है. दावा किया जा रहा है कि कोरोना संकट के समय में इस गर्भवती महिला को एंबुलेंस नहीं मिली, जिसके कारण इसे सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा, लेकिन प्रसव के दौरान बच्चा गिरकर मर गया.

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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. वायरल हो रही तस्वीर तीन साल पुरानी है और यह घटना मध्य प्रदेश के कटनी की थी.

फेसबुक यूजर “Devendra Surjan” ने यह तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “मौजूद सरकार के प्रबंधन, फेल कोरोना पॉलिसी और बिहार चुनाव की तैयारी के मध्य किसका, कितना नुकसान हुआ और कौन कितने फायदे में है? इसे कितना भी बहस का मुद्दा बना लीजिए. गाय के लिए संवेदनशीलता दिखाइए, गर्भिणी हथिनी के लिए आंसू बहाइए या फतवे और हिन्दू-मुस्लिम मुद्दे उखाड़ कर चिल्ला-चिल्ला कर देशभक्ति के दावे कीजिए. बेशक़ हिन्दू राष्ट्र बना लीजिए. पर इस तरह की तस्वीरों से आप अपना ज़ामीर कैसे बचाएंगे. जब एम्बुलेंस जैसी अति आवश्यक सुविधा के आभाव में सडक़ पर बच्चा जन्म लेता है और गिर कर मर जाता है. अभी की ताजा घटना है आदिवासी परिवार की. बच्चे की नाल तक नहीं कटी है और मृत बच्चा सड़क पर पड़ा हुआ है. अपने परिवार के बच्चों की कल्पना कीजिए और उसके बाद भी यदि आपका ज़मीर नही जागता तो मान लीजिए ....वो सड़क पर बैठी दुर्भाग्यशाली महिला आपकी मां हैं और जो सड़क पर मृत पड़ा है वो आप हैं...अफ़सोस आप मर चुके हैं...मैं शर्मिंदा हूं. मां जय मां भारती --निधि नित्या #nidhinitya”

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पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

AFWA की पड़ताल

वायरल तस्वीर को ध्यान से देखने पर हमें इस पर नीचे की तरफ 31 जुलाई 2017 और समय दोपहर 2 बजकर 47 मिनट लिखा नजर आया. तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें कुछ मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं. रिपोर्ट के अनुसार, यह तस्वीर तीन साल पुरानी है.

घटना मध्य प्रदेश में कटनी के पास ग्राम बरमानी की है. बीना बाई को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंचाने के लिए पति रामलाल कई घंटे एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली. इसके बाद रामलाल पत्नी को ऑटो में ही बैठा कर अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ऑटो खराब हो गया. इसके बाद अस्पताल पहुंचने की जद्दोजहद में बीना ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया, लेकिन जन्म के दौरान बच्चा सड़क पर गिर गया और उसकी मौत हो गई.

हालांकि, यह घटना तीन साल पुरानी है, लेकिन कोरोना संकट की वजह से अस्पतालों में हालात खराब हैं. हाल ही में नोएडा-गाजियाबाद में एक गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान मौत हो गई. वह 14 घंटे तक इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकती रहीं और आखिर एंबुलेंस में ही उसकी जान चली गई. इस घटना को कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने रिपोर्ट किया था.

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पड़ताल में साफ हुआ कि वायरल हो रही तस्वीर का कोरोना संकट से कोई लेना देना नहीं है और यह तीन साल पुरानी तस्वीर है.

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