सोशल मीडिया पर असम में आई बाढ़ के बाद राहत कार्य की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. हालांकि इसमें कुछ तस्वीरें ऐसी भी शेयर की जा रही हैं, जिनका असम में आई इस बाढ़ से कोई लेना देना नहीं है. फेसबुक यूजर “Are bhai bhai bhai” ने इसी तरह की एक तस्वीर को असम का बताते हुए शेयर किया है. तस्वीर में एक व्यक्ति घुटनों तक पानी के बीच अपने कंधे पर को उठा कर ले जाता दिख रहा है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रही तस्वीर असम की नहीं है. इस तस्वीर को बांग्लादेशी मीडिया ने देश में आई बाढ़ का हाल बयां करते हुए आर्टिकल्स में इस्तेमाल किया है.
पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.
फेसबुक पर यह तस्वीर 19 जुलाई को पोस्ट की गई थी जिसे खबर लिखे जाने तक 4000 से ज्यादा बार तक शेयर किया जा चुका था. इस तस्वीर को “” और “” सहित कई फेसबुक पेज पर साझा किया गया है.
तस्वीर का सच जानने के लिए जब हमने इसे रिवर्स सर्च किया तो हमें कुछ बांग्लादेशी न्यूज पोर्टल्स पर यह तस्वीर वहां आई बाढ़ की कवरेज के साथ दिखी. “” ने यह तस्वीर 18 जुलाई को प्रकाशित अपने एक आर्टिकल में इस्तेमाल की. इस आर्टिकल में उत्तरी बांग्लादेश के गियाबंध इलाके में आई बाढ़ के बारे में जानकारी दी गई है.
वहीं “” नाम की एक बांग्लादेशी वेबसाइट पर भी यह तस्वीर वहां आई बाढ़ से संबंधित न्यूज आर्टिकल्स में इस्तेमाल की गई है, हालांकि किसी भी वेबसाइट पर यह जिक्र नहीं है कि इस तस्वीर को कहां क्लिक किया गया है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अलावा AFWA को यह तस्वीर असम में आई बाढ़ की कवरेज कर रहे किसी भी भारतीय मेनस्ट्रीम मीडिया की वेबसाइट पर नहीं मिली.
हमने बांग्लादेशी वेबसाइट्स से भी संपर्क साधने की कोशिश की ताकि यह पता लगाया जा सके कि बांग्लादेश में यह तस्वीर कहां खींची गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक इन वेबसाइट्स की तरफ से जवाब नहीं मिल सका. जवाब मिलते ही इस खबर को अपडेट कर दिया जाएगा.
असम में आई बाढ़ में रेस्क्यू टीम्स और स्थानीय लोगों ने कई जानवरों को बचाया है. इसकी कुछ तस्वीरें मेनस्ट्रीम मीडिया और सोशल मीडिया पर भी उपलब्ध हैं, लेकिन वायरल हो रही यह तस्वीर असम की नहीं है.
चयन कुंडू