एक छोटी-सी बच्ची को गोद में उठाकर प्रदर्शन कर रहे शख्स इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल है. इसे शेयर करते हुए लोग ऐसा कह रहे हैं कि दिल्ली में पांच साल की इस मासूम बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है. इस घटना के बाद उसके पिता ने उसे गोद में उठाकर संसद के सामने प्रदर्शन किया.
वीडियो में बच्ची काफी रो रही है. बच्ची को गोद में लिए व्यक्ति हाथ में कागज पकड़ा है और उसकी पीठ पर भी कुछ लिखा हुआ है. वो कहता है, “बेटियों की हत्या हो रही है और मोदी सरकार जिम्मेदार है.” कुछ ही देर में इस व्यक्ति को पुलिस कर्मी पकड़ लेते हैं.
ये करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “दिल्ली में 5 साल की मासूम बच्ची का रेप हुआ. बच्ची के पिता बच्ची को लेकर संसद भवन की ओर चल दिया और आरोप लगाया की मोदी सरकार जिम्मेदार है. बहुत ही भयानक है. ऐसी दुर्दशा देखकर भारतीय कहने पर शर्म आती है.”
ऐसे कुछ पोस्ट्स का आर्काइव्ड वर्जन , और देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही इस बच्ची के साथ बलात्कार होने वाली बात सरासर झूठ है. साल 2019 के इस वीडियो में दिख रहा शख्स देश में बढ़ते रेप के मामलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
कीवर्ड सर्च की मदद से हमें ये वीडियो पांच दिसम्बर, 2019 के एक में मिला. यहां लिखा है कि एक व्यक्ति ने बेटियों की सुरक्षा के लिए संसद के सामने अपनी बेटी के साथ प्रदर्शन किया.
उस वक्त प्रदर्शन का कई लोगों ने किया था. ऐसे ही में कांग्रेस नेता सचिन चौधरी को टैग करते हुए ‘एबीपी न्यूज’ की वीडियो रिपोर्ट शेयर की गई है.
इसकी मदद से हमें इस घटना को लेकर ‘ की न्यूज रिपोर्ट मिली. पांच दिसम्बर 2019 की इस रिपोर्ट में लिखा है कि 20-25 युवाओं का समूह बलात्कार की वारदातों के खिलाफ प्रदर्शन करने संसद के पास पहुंचे थे. इसके बाद वहां मौजूद पुलिस वालों के दखल देने पर हड़कंप मच गया.
’ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ये प्रदर्शन हैदराबाद समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं के साथ बढ़ रही यौन हिंसा के विरोध में हुआ था. साथ ही, अपनी बेटी के साथ संसद के बाहर धरना देने पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन चौधरी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.
सचिन यूपी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हैं और अमरोहा से रह चुके हैं. इस प्रदर्शन में सचिन ने बलात्कार के मामलों में 90 दिन के अंदर आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चलाकर सार्वजनिक रूप से फांसी देने की मांग की थी.
दरअसल दिसम्बर 2019 में हैदराबाद और उन्नाव समेत जगह-जगह हो रही बलात्कार की घटनाओं को लेकर हुआ था. संसद सत्र के दौरान वीवीआईपी इलाके में झंडे और पोस्टर लेकर नारेबाजी करते इन लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया था. हालांकि, देर शाम पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया था.
हमने दिल्ली पुलिस से इस बारे में जानकारी ली. पुलिस ने पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार होने की बात को सरासर झूठ बताया. वायरल वीडियो के बारे कर पुलिस ने साफ किया कि ये दिसंबर 2019 में 'कर्तव्य पथ' पर हुए विरोध प्रदर्शन का पुराना वीडियो है. साथ ही, उन्होंने लोगों को वीडियो के साथ दी गई गलत जानकारी को शेयर न करने की सलाह दी.
संजना सक्सेना