एपस्टीन फाइल्स, जिसने अमेरिका समेत पूरी दुनिया में हड़कंप मचा रखा है, उसकी जद में कई बड़े नाम भी आ चुके हैं. अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी ये फाइल्स, जेफरी एपस्टीन नाम के एक शख्स से संबंधित डॉक्युमेंट्स हैं. जेफरी एक अमेरिकी फाइनेंसर और रसूखदार व्यक्ति था. उसने दर्जनों नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया. साल 2019 में उसकी गिरफ्तारी हुई थी और उसी साल संदिग्ध हालातों में उसकी मौत भी हो गई थी. ये फाइलें इसी नेटवर्क के राज खोलती हैं.
अब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के जरिए कहा जा रहा है एपस्टीन फाइल्स को लेकर अमेरिका में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. वायरल हो रहे वीडियो में रात के वक्त हजारों लोग फोन की टॉर्च जलाकर सड़क पर मार्च करते हुए नजर आ रहे हैं. लोग इस मंजर को अपने फोन में रिकार्ड करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं.
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “एपस्टीन फाईल्स को लेकर अमेरिका की सड़कें. कुर्सी छोड़, जनता आती है #EpsteinFile”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो किसी असल घटना का नहीं है. इसे AI के जरिए बनाया गया है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो को गौर से देखने पर हमें इसमें कुछ गड़बड़ियां नजर आईं. मिसाल के तौर पर, वीडियो में एक स्ट्रक्चर एक फ्रेम में तो नजर आता है, लेकिन दूसरे फ्रेम में गायब हो जाता है. इसके अलावा फोन में वीडियो रिकॉर्ड कर रहे लोगों के हाथ भी अटपटे-से दिखते हैं. वीडियो में कई जगह लोगों के हाथ में गड़बड़ी नजर आती है. इससे इसके असली होने पर शक होता है.
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये Elnaz Mansouri नामक यूजर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला. यहां इसे 11 जनवरी को पोस्ट किया गया था. यहां डिसक्रिप्शन में साफ बताया गया है कि ये वीडियो AI से बनाया गया है.
यहां क्रियेटर ने लिखा है कि ये वीडियो ईरान में हो रहे प्रदर्शन के लिए एक डिजिटल ट्रिब्यूट था. उन्होंने बताया कि इस वीडियो के जरिए उन्होंने AI आर्ट का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शन की एक झलक दिखाने की कोशिश की है.
Elnaz Mansouri एक मल्टीमीडिया आर्टिस्ट हैं. वो 3D आर्ट, AI और फोटोग्राफी के फील्ड में काम करती हैं
दरअसल बीते महीनों में ईरान में बड़े स्तर पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए थे. महंगाई और आर्थिक बदहाली को लेकर शुरू हुए इस प्रदर्शन ने सीधे सत्ता को चुनौती दी थी. इस दौरान हजारों लोगों की मौत भी हो गई थी.
हमने Hive Moderation नाम के AI डिटेक्टर टूल की मदद से वायरल वीडियो को टेस्ट किया. टूल ने इसके AI से बने होने की 97 फीसदी संभावना बताई.
साफ है कि वायरल हो रहा वीडियो असली नहीं है.
फैक्ट चेक ब्यूरो