कैबिनेट बंटवारे से चुनावी समीकरण साधने की कोशिश! समझें- 6 चुनावी राज्यों को BJP ने कैसे किया टारगेट

तीसरी बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने 71 मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया है. इनमें 60 बीजेपी और 11 एनडीए की बाकी पार्टियों से हैं. कैबिनेट में सबसे ज्यादा 10 सांसद यूपी से हैं. मंत्रिमंडल के गठन को अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

Advertisement
मोदी कैबिनेट में 24 राज्यों के सांसदों को शामिल किया गया है मोदी कैबिनेट में 24 राज्यों के सांसदों को शामिल किया गया है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2024,
  • अपडेटेड 10:50 PM IST

केंद्र में फिर एनडीए की सरकार बन गई है. मंत्रियों को उनके विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है. तीसरी बार बनी एनडीए सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा 71 मंत्री हैं. इनमें से 60 मंत्री बीजेपी से और 11 मंत्री एनडीए की बाकी पार्टियों से हैं.

मोदी 3.0 में 37 नए चेहरों को मौका दिया गया है. जबकि, 34 मंत्रियों को रिपीट किया गया है. नई सरकार में बड़े मंत्रालय भी बीजेपी ने अपने पास ही रखे हैं.

Advertisement

नई मोदी सरकार में सबसे ज्यादा 10 मंत्री उत्तर प्रदेश से बनाए गए हैं, जबकि 8 मंत्री बिहार से हैं. कुल मिलाकर 24 अलग-अलग राज्यों से चुनकर आए सांसदों को मंत्री बनाया गया है.

अगर मंत्रियों देखा जाए तो पता चलता है कि बीजेपी अगले कुछ महीनों में होने वाले छह राज्यों के विधानसभा चुनाव पर भी है और मंत्रिमंडल का गठन को इसकी तैयारी माना जा सकता है.

कहां-कहां होने हैं विधानसभा चुनाव?

1. महाराष्ट्रः विधानसभा का कार्यकाल इस साल 26 नवंबर को खत्म हो जाएगा. अक्टूबर-नवंबर में यहां की 288 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे.

2. हरियाणाः 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर तक रहेगा. महाराष्ट्र के साथ ही हरियाणा के विधानसभा चुनाव भी हो सकते हैं.

3. झारखंडः यहां की विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 तक है. इस साल के आखिरी में झारखंड में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. झारखंड में विधानसभा की 81 सीटें हैं.

Advertisement

4. दिल्लीः 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में अगले साल फरवरी में चुनाव प्रस्तावित हैं. दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को खत्म हो रहा है.

5. बिहारः यहां विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो जाएगा. इससे पहले अक्टूबर और नवंबर 2025 में बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे.

6. जम्मू-कश्मीरः 2014 में आखिरी बार विधानसभा चुनाव हुए थे. जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों पर भी अगले साल तक चुनाव कराए जा सकते हैं.

यह भी पढ़ें: गृह-रक्षा-विदेश और वित्त... सभी मंत्रालय BJP के पास, जानें- इन चारों मिनिस्ट्री को क्यों माना जाता है ताकतवर

कैबिनेट से चुनावी समीकरण साधने की कोशिश?

- बिहार मेंः आठ सांसद मंत्री बने हैं. इनमें चिराग पासवान (एलजेपीआर), गिरिराज सिंह (बीजेपी), जीतन राम मांझी (HAM), रामनाथ ठाकुर (जेडीयू), ललन सिंह (जेडीयू), नित्यानंद राय (बीजेपी), राज भूषण चौधरी (बीजेपी) और सतीश दुबे (बीजेपी) शामिल हैं. इस दौरान कास्ट फैक्टर का भी ध्यान रखा गया है. तीन ऊंची जातियों (गिरिराज सिंह, सतीश दुबे और ललन सिंह), तीन ओबीसी (नित्यानंद राय, राजभूषण चौधरी और रामनाथ ठाकुर) और दो एससी (चिराग पासवान और जीतन राम मांझी) को मंत्री बनाया गया है. राजभूषण चौधरी मल्लाह समुदाय से आते हैं और निषाद बहुल सीट मुजफ्फरपुर से सांसद हैं. भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर अब भी आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के समुदाय के बड़े नेता हैं.

Advertisement

- महाराष्ट्र मेंः लोकसभा चुनाव में एनडीए महाराष्ट्र में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाई, जैसी उसे उम्मीद थी. मोदी 3.0 में महाराष्ट्र से 6 मंत्री बनाए गए हैं. चार बीजेपी और एक-एक शिवसेना (शिंदे गुट) और आरपीआई से मंत्री बना है. बीजेपी ने एक राज्य मंत्री का पद अजित पवार की एनसीपी को भी ऑफर किया था, जिसे उसने ठुकरा दिया. महाराष्ट्र के कोटे से मोदी कैबिनेट में रक्षा खडसे को भी शामिल किया गया है. रक्षा खडसे एक युवा और ओबीसी चेहरा हैं, जिन्हें खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

- हरियाणा मेंः 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा के लिए इस साल के आखिरी में चुनाव होने हैं. हरियाणा से तीन सांसदों को मंत्री बनाया गया है. करनाल से जीतकर आए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को शहरी आवास मंत्री, राव इंद्रजीत सिंह को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और कृष्ण पाल गुर्जर को राज्य मंत्री बनाया गया है. राव इंद्रजीत सिंह और कृष्ण पाल गुर्जर ओबीसी चेहरा हैं. हरियाणा में इस बार बीजेपी 5 लोकसभा सीटें ही जीत सकी है.

- झारखंड मेंः इस राज्य से दो मंत्री बने हैं और दोनों ही बीजेपी से हैं. अन्नपूर्णा देवी को महिला और बाल विकास मंत्री बनाया गया है, जबकि संजय सेठ को रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अन्नपूर्णा देवी और संजय सेठ, दोनों ही ओबीसी वर्ग से आते हैं. अन्नपूर्णा देवी जहां यादव समुदाय से हैं, वहीं संजय सेठ वैश्य समुदाय से हैं.

Advertisement

- दिल्ली और जम्मू-कश्मीर मेंः दोनों ही विधानसभाओं वाले केंद्र शासित प्रदेश हैं. दिल्ली में अगले साल फरवरी तक तो जम्मू-कश्मीर में भी कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. दोनों ही प्रदेशों से एक-एक मंत्री बनाए गए हैं. दिल्ली से पहली बार सांसद बने हर्ष मल्होत्रा को सड़क-परिवहन मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है. वहीं, जम्मू की उधमपुर सीट से लगातार तीसरी बार जीते जितेंद्र सिंह को भी राज्य मंत्री का पद दिया गया है. हर्ष मल्होत्रा पंजाबी हैं और दिल्ली में पंजाबियों की अच्छी-खासी आबादी है. वहीं, जितेंद्र सिंह डोगरा राजपूत हैं और जम्मू की सियासत में डोगरा राजपूतों का ठीकठाक समीकरण बैठता है.

यह भी पढ़ें: कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री... किसमें कितना अंतर? जानें- कैसे मंत्री पद मिलते ही बढ़ जाती है तनख्वाह

जहां चुनाव, वहां किसकी सरकार?

महाराष्ट्र और बिहार में एनडीए की सरकार है. महाराष्ट्र सरकार में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार) शामिल है. वहीं, बिहार में नीतीश कुमार की जेडीयू और बीजेपी गठबंधन में है. झारखंड में झामुमो और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी सत्ता में है. जबकि, जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement