मुंबई मंथन में पहुंचे महाराष्ट्र सरकार के गृह राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने नक्सलियों के आंदोलन की तुलना ISIS से की. उन्होंने अर्बन नक्सलवाद पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आम लोगों को भड़काया जाता है, उनसे यह कहा जाता है कि लड़ाई के लिए हथियार उपलब्ध कराए जाएं तो यह उसी तरह से है जैसे ISIS करती है. ऐसे में पक्ष और विपक्ष दोनों को इसका विरोध करना चाहिए. भीमा कोरेगांव हिंसा पर उठे सवालों का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री ने ये बातें कहीं.
मंथन में शामिल एनसीपी के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री जयंत पाटिल ने आरोप लगाया था कि सरकार खुद का बचाव करने के लिए अर्बन नक्सलवाद का शिगूफा छोड़ रही है. इसके जवाब में महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री ने दावा किया अर्बन नक्सलवाद के तहत जिन लोगों को पकड़ा गया है उनके खिलाफ सरकार के पास सबूत है. कोर्ट ने भी इसे माना है. केवल इस बात को तय किया जाना है कि उनसे पुलिस की कस्टडी में पूछताछ करनी है या उन्हें घर से बुलाकर सवाल किए जा सकते हैं.
एनसीपी अध्यक्ष पाटिल ने आरोप लगाया कि भीमा कोरेगांव हिंसा भाजपा की साजिश थी. उनका कहना था जब सरकार को पता था कि अगले दिन वहां पर लाखों लोग इकट्ठा होने वाले हैं तो सरकार के मंत्री एक दिन पहले ही वहां जाकर फूल चढ़ाकर क्यों आ गए. इस पर गृह राज्यममंत्री का कहना था कि वीआईपी मूवमेंट से वहां आने वाले लोगों को दिक्कत होती इसलिए ऐसा किया गया.
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि भीमा कोरेगांव हिंसा को संभाल लिया गया क्योंकि इसमें पॉपर्टी की तो क्षति हुई लेकिन केवल एक आदमी से ज्यादा की जान नहीं गई. इस मामले की न्यायिक जांच की जा रही है इस दौरान इस पर कुछ बोलना ठीक नहीं है. भीमा कोरेगांव में दो समाज के लोगों को बांटने की साजिश की गई. घटना के एक दिन पहले वट्सएप पर मैसेज प्रसारित किया गया कि 50 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि उन्हें हिरासत में लिया गया था. उन्होंने बताया कि एकनाथ बूटे को गिरफ्तार किया गया और अगर सबूत मिले तो संभाजी भिड़े को भी गिरफ्तार किया जाएगा.
अमित राय