प्रदूषण को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि कोई भारतीय अध्ययन नहीं है जो बताता हो कि प्रदूषण से उम्र कम होती है. प्रकाश जावड़ेकर ने यह बात तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष के सवाल पर कही.
प्रकाश जावेड़कर ने यह भी कहा कि ऐसी बातें कहकर डर का माहौल नहीं बनाना चाहिए. काकोली घोष ने पूछा था कि कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि प्रदूषण के चलते लोगों की उम्र साढ़े चार साल तक कम हो रही है और ऐसे में सरकार इस समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है.
निर्मला सीतारमण के बयान पर हुआ था विवाद
इससे पहले वित्त मंत्री के बयान पर भी विवाद हो चुका है. उन्होंने बुधवार को लोकसभा में कहा कि वह इतना लहुसन, प्याज नहीं खाती हैं और ऐसे परिवार से आती हैं जहां प्याज-लहुसन का ज्यादा मतलब नहीं है. निर्मला सीतारमण के इस जवाब पर सदन में ठहाके लगे. असल में, संसद में प्याज खाने को लेकर लोकसभा में कुछ सदस्यों के सवालों पर निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं इतना लहुसन, प्याज नहीं खाती हूं जी. मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां अनियन से मतलब नहीं रखते.'
निर्मला सीतारमण के बयान पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि जो सरकार कम प्याज खाने को कहती है, उसे चले जाना चाहिए. गुरुवार को संसद भवन पहुंचे पी चिदंबरम ने आजतक से कहा, ‘...जो सरकार लोगों को कम प्याज और लहसुन खाने की सलाह देती है, उसे चले जाना चाहिए. अर्थव्यवस्था के मामले में ये सरकार पूरी तरह से फेल हुई है’.
इसके बाद निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया. उन्होंने का 7 साल पुराना बयान याद दिलाया. निर्मला सीतारमण ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री ने कहा था कि जब अर्बन मिडिल क्लास 15 रुपये का मिनरल वॉटर की बोतल खरीद सकता है और आइसक्रीम के लिए 20 रुपये दे सकता है तो वो क्यों कीमतों में उछाल का हल्ला करता है.
मिलन शर्मा