देश की आजादी के सात दशक बाद भी कश्मीर की समस्या ज्यों की त्यों है. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर के समाधान के लिए पाकिस्तान से बातचीत की जरूरत है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाहौर जाकर एक शुरूआत की लेकिन पठानकोट हमले के बाद रुक गए. उन्हें इतना बड़ा जनादेश मिला है ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा.
'एजेंडा आजतक' के महामंच से जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हम समझते हैं कि अलगाववादी और पाकिस्तान समस्या का हिस्सा हैं, इसलिए अलगाववादी और पाकिस्तान को इसके समाधान में शामिल करना जरूरी है. जब हम ये मानते हैं कि पाकिस्तान का जम्मू-कश्मीर में दखल है तो उन्हें शामिल क्यों नहीं करते. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाहौर जाकर एक कोशिश की लेकिन पठानकोट हमले के बाद रुक गए.
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी को इतना बड़ा मैनडेट दिया कि वो कश्मीर की समस्या का हल कर सकते थे. लेकिन अब ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलने वाला है. महबूबा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जब कुछ करने का निर्णय लेते थे तब चुनाव के बारे में नहीं सोचते थे. लेकिन मोदी हमेशा चुनाव जीतने के बारे में सोचते हैं. इतने बड़े जनादेश के साथ जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता सौंपी ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा. लेकिन इतना बड़ा मैनडेट होने के बावजूद वो कुछ नहीं कर पाए.
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दोस्ती की बात करते हैं, उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोला, शारदा पीठ की बात कर रहे हैं. लोग कहते हैं कि इमरान खान के पीछ सेना है इससे अच्छा मौका फिर नहीं मिलेगा जब पाकिस्तान की सेना और वहां के पीएम एक पेज पर हों तब उनसे बातचीत की जाए.
विवेक पाठक