सब्सिडी से तैयार हुआ था रामानंद सागर की 'रामायण' का स्टूडियो, ऐसे हुआ शूट

25 जनवरी 2026 को दूरदर्शन पर आने वाली रामायण को पूरे 39 साल होने वाले हैं. करीब चार दशकों बाद भी इस धारावाहिक का जादू आज की पीढ़ी पर भी उतना ही प्रभावी है. इस खबर में जानिए शो का स्टूडियो कैसे तैयार हुआ था.

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रामायण के सेट पर हो रही शूटिंग (Photo: Instagram/@sagar.world) रामायण के सेट पर हो रही शूटिंग (Photo: Instagram/@sagar.world)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:26 AM IST

इंडियन टेलीविजन के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई रामानंद सागर की 'रामायण' आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में बसती है. 25 जनवरी 2026 की तारीख 'रामायण' के लिए बेहद खास है, क्योंकि इसी दिन दूरदर्शन पर इसके पहले प्रसारण को पूरे 39 साल पूरे हो रहे हैं. 

साल 1987 में जब पहली बार भगवान राम की कहानी छोटे पर्दे आई, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह शो न केवल रिकॉर्ड तोड़ेगा, बल्कि भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा बन जाएगा. इस शो को देखा तो सभी ने लेकिन इसके भव्य स्टूडियो के पीछे किसके हाथ था? जानिए.

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कब तक चली रामायण की शूटिंग?
स्व. हीराभाई पटेल के बेटे और वृंदावन स्टूडियो के मालिक विपिन भाई पटेल के मुताबिक, 'पिताजी और रामानंद सागर अच्छे दोस्त थे. पिताजी ने रामायण के कई कैरेक्टर्स के सिलेक्शन में भी अहम रोल निभाया था. कई मामलों में रामानंद सागर मेरे पिताजी से सलाह लेते थे और उसके आधार पर ही आगे की तैयारी की जाती थी.' उन्होंने बताया कि रामायण की शूटिंग 1985 से शुरू होकर 5 साल तक चली थी.

कितना था स्टूडियो को किराया?
 वहीं सागर वर्ल्ड के ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज पर इस बात की जानकारी भी दी गई कि रामायण की शूटिंग के लिए स्टूडियो का किराया शिफ्ट के आधार पर लिया जाता था. पेज के मुताबिक, '8 घंटे की शिफ्ट के लिए 2000 हजार रुपये किराया था. इसके अलावा कैमरामैन,असिस्टेंट, स्टूडियो असिस्टेंट और डायरेक्टर्स के रुकने के लिए भी अलग-अलग व्यवस्था थी. रामायण के बाद जय हनुमान सीरियल, जय मां वैष्णों देवी जैसे सीरियल की शूटिंग भी यही हुई, जो भी हिट रहे थे. 

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कहां हुई रामायण की शूटिंग?
कई मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि रामायण की शूटिंग मुंबई में हुई थी लेकिन ये गलत है.  रामायण की शूटिंग गुजरात के उमरगाम के वृंदावन स्टूडियो में हुई थी. स्टूडियो के तत्कालीन मालिक, राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित और दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित स्व. हीराभाई पटेल रामायण की शूटिंग में अहम रोल निभाया था. 

रामायण का भव्य सेट, पात्रों की पोशाक, हथियार और साउंड आदि से ऐसा लगता था कि पूरी घटना मानो सच में आंखों के सामने ही हो रही हो. स्व. हीराभाई पटेल  रामायण, विक्रम बेताल और सिंहासन बत्तीसी के अलावा 300 से अधिक धार्मिक और ऐतिहासिक फिल्मों व सीरियल के आर्ट डायरेक्टर रह चुके हैं.  रामायण का पूरा सेट, पात्र, युद्ध, बैठक, लंका, रथ आदि सभी हीराभाई पटेल ने ही डिजाइन किए थे.

कौन थे हीराभाई पटेल?
हीराभाई पटेल ने मुंबई के जेजे स्कूल ऑफ ऑर्ट से पढ़ाई की थी. उन्होंने हर भाषा की फिल्म में आर्ट डायरेक्टर के रूप में काम किया है. साथ ही वो उस समय ट्रिक फोटोग्राफी भी करते थे. हीराभाई पटेल की फिल्म करियर की शुरुआत आजादी से पहले 1942 में शुरू हुई थी.  देश आजाद होने के बाद साल 1948 में उन्होंने फिल्म 'हुआ सवेरा' को प्रोड्यूस किया था.

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कैसे हुई स्टूडियो की स्थापना?
गुजरात में शूटिंग स्टूडियो बनाने के लिए उस समय सरकार की सब्सिडी स्कीम काम आई. इसमें हीराभाई पटेल को 40 एकड़ जमीन पर स्टूडियो बनाने का आइडिया आया. इस तरह इस स्टूडियो की स्थापना हुई. स्टूडियो समुद्र के किनारे पर है. रामायण में दिखाए गए समुद्र के सीन भी स्टूडियो में ही शूट हुए हैं. 

फिलहाल स्टार भारत पर आने वाले सीरियल राधा-कृष्ण की शूटिंग भी इसी वृंदावन स्टूडियो में हो रही है.

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