Big Boss जर्नी के दौरान Karan Kundra ने भले ही विनर की ट्रॉफी नहीं जीती हो लेकिन करण इस शो से प्यार और दोस्ती जीत चुके हैं. करण जहां तेजस्वी प्रकाश के प्यार में पड़े हैं, तो वहीं उमर रियाज के रूप में उन्होंने अपना वीरू पाया है. अपनी बिग बॉस की जर्नी पर करण हमसे डिटेल में बातचीत करतै हैं.
बिग बॉस से बाहर निकलकर कैसा महसूस कर रहे हैं?
- ये मेरी जिंदगी का सबसे अनोखा एक्सपीरियंस था. यकीन नहीं होता कि मैं चार महीने कैद रहा. हालांकि हालत तो कैदियों से भी खराब थी. टास्क कराते थे, घर के सारे काम करवाते थे. सबसे गुस्सा तो सुबह 6 बजे का अलार्म को सुनकर आता है. फूल वॉल्यूम में गाना बजा देते थे. बिग बॉस चाहते हैं आप प्रार्थना करो, बिग बॉस चाहते हैं आप माइक पहनों, करण हिंदी में बात करो, पंजाबी नहीं, करण आपकी ऑडियंस हिंदी है.. उफ्फ.. इन सब चीजों से छुटकारा मिला है. अब मैं अपने घर पर चौड़े होकर आराम से बैठा हूं.
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बिग बॉस हाउस से क्या सीखा आपने, क्या टेकअवे रहा?
-मुझे लगता है कि बाकी कंटेस्टेंट्स की तुलना में मेरा टेकअवे सबसे ज्यादा रहा. आप एक नॉर्मल लाइफ में कैसे बिहेव करते हैं, आपको किसके साथ उठना-बैठना है, ये डिसीजन आपका होता है. कई बार आप डिप्लोमैटिक भी होते हैं क्योंकि सामने वाले के साथ काम निकालना होता है. लेकिन बिग बॉस हाउस के घर में आप ऐसा कर ही नहीं सकते हैं, क्योंकि शो का फॉर्मैट ही ऐसा है.आपको अपने बारे में बहुत कुछ पता चलता है. कई बार आप खुद को जानकर ही सरप्राइज हो जाते हैं. मुझे पता चला कि मेरे रिलेशनशिप क्यों वर्क नहीं करते हैं. मुझे पता चला कि कौन से टाइप के लोग पसंद आते हैं. उमर कैसे मेरा दोस्त बना, तेजा के प्यार में कैसे पड़ा इन सबकी क्लैरिटी मिली है. मुझे इमोशनल और सच्चे लोग पसंद आते हैं. मेरा कई कंफ्यूजन दूर हुआ है. हालांकि प्यार में मैं कई बार पड़ा हूं लेकिन मुझे इसकी असल परिभाषा शो के दौरान समझ आई. मुझे किसी लड़की में क्या पसंद है या मुझे कैसे रिलेशनशिप में रहना है, यह सबकुछ समझा हूं. परिवार, दोस्त, इमोशन सबको गहराई से समझ पाया हूं. कई दोस्तों ने का कि तुम बिग बॉस से बदल कर आओगे, और मुझे लगता है कि वे शायद सही हैं.
क्या अनोखी बात रही इस जर्नी के दौरान?
-बहुत सी चीजें, अब सोचें कि मैं करण कुंद्रा कभी भिंडी के लिए लड़ सकता हूं. लोग वहां भिंडी के लिए लड़े जा रहे हैं और मैं उनके बीच बैठकर सोच रहा हूं कि करण कुंद्रा तुम्हारे क्या दिन आ गए हैं कि तुम भिंडी के लिए लड़ रहे हो. बहुत सी बेसिक चीजों का महत्व समझा है. मेरे लिए यह जर्नी अमेजिंग रही. मैंने प्यार ठोक कर किया, दोस्ती शिद्दत से निभाई. मैंने अपने लोगों के लिए खेला है, किसी का दिल नहीं दुखाया. लोगों को बैकस्टैब नहीं किया. मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि मैंने सबका दिल जीता है किसी का तोड़ा नहीं है.
गेम के बीच ऐसा लगने लगा था कि करण अपना फोकस खो रहे हैं?
-हां, बिलकुल.. मेरी जर्नी चल रही थी न, मैं बहुत ही इमोशनल इंसान हूं.आप यकीन नहीं करेंगी, मेरी एक दोस्त है, जो तेरह साल से मेरे साथ है. वो मुझसे जब मिलने आई, तो वो रो रही थी. उसने यही कहा कि करण मैं तुम्हें इतने सालों से जानती हूं, मुझे नहीं पता था कि तू इतना इमोशनल बंदा है, तू इतना सेंसेटिव बंदा है. मैं खुद अपनी इन इमोशन को लेकर हैरान था. तो जाहिर है उसका असर पड़ा. मैं जानता हूं कि यह रियेलिटी शो है, मुझे यहां गेम खेलना है. लेकिन अगर कोई इमोशन है, तो उसे कैसे रोका जाए. हालांकि कोशिश भी यही थी, मैंने खुद को तेजा के प्यार में गिरने से काफी रोका. उसने भी खुद को रोका, लेकिन नहीं हो पाया न. आखिरकार हम प्यार में पड़ गए न. देखो मैं गेम में अच्छा कर रहा था, भईया बीच में प्यार में पड़ गया, तो प्यार न करूं. मुझे उमर और निशांत ने भी कहा कि तुमने फोकस नहीं खोया. मैंने तो सब किया है.. प्यार किया, लड़ाई की, दोस्ती की, मुझे लगता है कि मैंने फोकस नहीं लूज किया था. मैं पहुंचा न फिनाले में, तो मैं सबकुछ करते हुए फिनाले गया. खुद को किसी चीज के लिए रोका नहीं. मैं तो संतुष्ट हूं.
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उमर के साथ एक जबरदस्त बॉन्डिंग बनी है. हालांकि फनी ये था कि फैंस उमर-करण और तेज-रण को लेकर भीड़ गए थे. आप क्या कहेंगे?
-इंडस्ट्री में मैं अपनी दोस्ती के लिए जाना जाता हूं. मैंने जिससे दोस्ती की है, पूरे दिल से की है. हालांकि यहां बिग बॉस में उमर मुझे ऐसा मिला, जो दोस्ती निभाने में मुझसे भी कहीं ज्यादा आगे है. जितना उमर मेरे लिए लड़ा है, वो उतना शायद खुद के लिए नहीं लड़ा होगा. मुझे यहां ऐसा बंदा मिलता है, जो मुझसे ज्यादा मेरी परवाह करता है, तो मैं कैसे उस बंदे को जाने दूं. मैंने उससे कहा भी था कि मैंने रब से तेरे जैसा दोस्ता मांगा था, मुझे मिल गया और मैं शो जीत गया. जब उसको पता था कि वो शायद वो अब एलिमिनेट होगा, उसके बावजूद मुझे डिफेंड करने में लगा हुआ था. जाते-जाते भी वो बंदा मुझे सपोर्ट कर रहा था. बाहर जाकर भी वो मेरे लिए बहुत कुछ कह रहा था. हम तो शोले के जय वीरू हैं. मैं जय हूं और उमर मेरा वीरू है. रही बात इन दोनों के हैशटैग की लड़ाई की, तो मैं अब आ गया हूं, बैलेंस करूंगा और इनकी दोस्ती करवाऊंगा.
पैपाराजी ने तो आपको और तेजा को भईया भाभी कहना शुरू कर दिया है. क्या कहना चाहेंगे?
-अरे, ये छोड़ें... मेरे पापा ने भी हाल ही में हमारी शादी के बारे में कुछ कह दिया है. मैंने कहा पापा से कि आप ये क्या कर रहे हो यार, इतना भावुक मत हो. अब तो शादी की बातें तेजी से चलनी शुरू हो गई है. वैसे सीरियसली, हमारे फैमिली क्या चाहते हैं, ये तो सबको पता ही है. जबकि मैं और तेजा शो से बाहर आते वक्त परिवार के रिएक्शन को लेकर डरे हुए थे. साथ ही हमें इस बात की भी टेंशन थी कि पता नहीं शायद हमारे पास ज्यादा ऑप्शन नहीं था, कहीं इसलिए तो हम करीब नहीं आ गए. हम बाहर जाकर भी क्या वैसे ही रहेंगे. क्योंकि बाहर हमारी अलग दुनिया है. कहीं बाहर जाकर इसका रिग्रेट तो नहीं होगा. वो सारा डाउट खत्म हो गया. इन दो दिनों में काफी चीजें ऐसी हुई हैं, जिससे श्योरिटी तो आ गई है. वो ट्रॉफी जीतने के बाद डायरेक्ट मेरे घर आ गई थी. विनर होने के बावजूद, वो सब भूल भाल कर मेरे पास आई और कहा, मैं तेरे साथ ही सेट हूं. वो जेस्चर काफी इमोशनल था. हमारी बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग हुई है. वो बेचारी सुबह-सुबह 7 बजे उठकर नागिन की शूटिंग के लिए चली गई.
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नेहा वर्मा