सलमान खान की ओर से ईदी इस बार ट्यूबलाइट के तौर पर आई है. लेकिन इस बार भाई कुछ ज्यादा ही इमोशनल हो गए हैं. एक्टिंग उनकी ठीक ही है.
वैसे भी सलमान खान की फिल्में देखने के लिए रिव्यू की जरूरत नहीं है. बस कलेक्शन के रिकॉर्ड देखने होते हैं. लेकिन सलमान से हटकर ट्यूबलाइट में क्या है- इस बारे में जरूर बात होनी चाहिए.
यहां 7 पॉइंट्स में जानें इन्हीं के बारे में -
- सबसे पहले बात ओम पुरी की. ट्यूबलाइट में ओम पुरी शुरुआत से लेकर आखिर तक नजर आते हैं. बन्ने चाचा का उनका रोल सलमान के किरदार को गांधीगिरी सिखाता है. उनकी आवाज और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस इस बात का एहसास नहीं दिलाती कि अब वह हमारे बीच नहीं हैं. हालांकि जब इस बात को याद करते हैं, तो समझ में आता है कि ओम पुरी के रूप में हमने क्या खो दिया.
- सोहेल खान भी इस फिल्म में भाई के साथ हैं. अर्से बाद वह पर्दे पर दिखे हैं और लगता है कि स्क्रीन से उनकी दूरी सही भी है. हालांकि भाइयों का ब्रोमांस फिल्म के शुरुआती सीन बांधकर कर रखता है लेकिन इससे ज्यादा सोहेल के रोल के बारे में बात उनके साथ ज्यादती ही होगी.
- सलमान खान की भोली हरकतों से ज्यादा लुभाता है माटिन रे तांगु का काम. जी, ट्यूबलाइट का 'चीनी बच्चा'. उसे अब तक सलमान के साथ दिखने वाला बेस्ट चाइल्ड एक्टर कहा जा सकता है. शरारत हो या इमोशन, माटिन की ट्यूबलाइट हर फ्रेम में जमी है.
- सादे अंदाज में जू जू का ग्लैम फैक्टर भी ट्यूबलाइट का एक शानदार पहलू है. चीन की इस अभिनेत्री के पर्दे पर आने पर आप उनसे नजर नहीं हटा सकेंगे. जीशान अयूब को थप्पड़ मारने का सीन हो या फिर सलमान को दिलासा देने का, जू जू को देखकर लगता है कि उनको बॉलीवुड में और चांस मिलना चाहिए. अगर वह डांस अच्छा कर गईं तो हमारे लिए कटरीना कैफ का अच्छा विकल्प हो सकती हैं!
- वहीं माया के रोल के बाद ईशा तलवार भी ट्यूबलाइट से चमक सकती हैं. उनके प्लेन-जेन अवतार में एक खास अट्रैक्शन दिखा. बता दें कि ईशा मलयालम फिल्मों की हिट एक्ट्रेस हैं और कई बड़े ब्रैंड्स के विज्ञापनों में टीवी पर खूब नजर आती हैं. उनका एक्सपीरियंस फिल्म में साफ नजर आता है और साथ ही उनके बॉलीवुड में आगे बढ़ने की संभावना भी.
- कबीर खान ने एक बार फिर साबित किया है कि वह पर्दे पर इंटरनेशनल इमोशंस दिखाने के मास्टर हैं. उन्होंने सलमान, माटिन और जूजू की केमिस्ट्री को बखूबी पिरोया है. वहीं फिल्म में उन्होंने भले ही बजरंगी भाईजान में पाकिस्तान की तरह चीन नहीं दिखाया, लेकिन जंग और अमन का अंतर बेहतरीन तरीके से पेश किया है.
- इसके अलावा शाहरुख खान की अपीयरेंस भी अच्छी है. हालांकि जादूगर पाशा के रोल में उनके लुक से ज्यादा डायलॉग प्रभावित करते हैं और खुद पर यकीन रखने की बात सही भी है. ठीक वैसे ही जैसे सलमान खान को यकीन है कि फिल्म को कैसी भी रेटिंग मिले, ईद पर रिलीज करने पर वह रिकॉर्डतोड़ कमाई करेगी ही!
इसके अलावा, मोहम्मद जीशान अयूब, गढ़वाल की खूबसूरत पहाड़ियां और चीनी सेना के टिड्डियों की तरह हमला करने की रणनीति...ये सभी ट्यूबलाइट को सलमान फैक्टर से हटकर और चमकाते ही हैं!
मेधा चावला