सुशांत की कंपनी में किस किसने लगाए पैसे? वकील ने किया खुलासा

प्रियंका ने कहा, उसकी प्लानिंग बॉलीवुड से बहुत आगे की हुआ करती थी. उसके लिए चीजें बस इतनी नहीं थीं कि एक एक्टर के तौर पर करियर बनाना है. मुझे लगता है कि हमें उसे उस नजरिए से देखना चाहिए कि वो सिर्फ एक एक्टर नहीं था.

सुशांत सिंह राजपूत
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 10:38 PM IST

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी अब तक अनसुलझी ही है. ऐसे तमाम सवाल हैं जिनके जवाब मिलने अभी बाकी हैं. सुशांत की मौत की वजह के साथ-साथ ये सवाल भी लगातार बना हुआ है कि क्या सुशांत के सामने किसी तरह की आर्थिक दिक्कतें थीं. साथ ही जिन कंपनियों की स्थापना उन्होंने की थी उनमें किस-किसकी कितनी-कितनी भागीदारी थी. सुशांत से जुड़े ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब उनकी लॉयर प्रियंका खिमानी ने इंडिया टुडे के साथ खास बातचीत में दिए.

प्रियंका ने बताया कि सुशांत वो शख्स थे जो अपनी जिंदगी का हर फैसला खुद लिया करते थे. वह जाहिर तौर पर चीजों को लेकर दूसरों से मश्वरे लिया करते थे लेकिन अंततः फैसला उनका ही होता था. प्रियंका ने कहा कि जहां तक आर्थिक दिक्कतों का सवाल है तो एक बात जो कि वह पूरे दावे से कह सकती हैं वो ये है कि सुशांत के पास काम की कोई कमी नहीं थी. उन्हें लगातार ऑफर मिल रहे थे और वह एक वर्सेटाइल इंसान थे.

प्रियंका ने कहा, "उसकी प्लानिंग बॉलीवुड से बहुत आगे की हुआ करती थी. उसके लिए चीजें बस इतनी नहीं थीं कि एक एक्टर के तौर पर करियर बनाना है. मुझे लगता है कि हमें उसे उस नजरिए से देखना चाहिए कि वो सिर्फ एक एक्टर नहीं था. जहां तक कंपनियों की बात है जो उसने बनाईं थीं... "

"साल 2018 में उसने पहली कंपनी बनाई जिसका रिया और शोविक से कोई लेना देना नहीं था. ये तब की बात है जब मैं भी सुशांत को नहीं जानती थी. हालांकि मुझे नहीं लगता है कि वो आइडिया कुछ खाच चला था. मेरी लेकिन जब सुशांत से मुलाकात हुई थी तो मैंने उससे कहा था कि एक बार और उसे इस पर काम करके देखना चाहिए. वो बहुत व्यापक सोच रखता था. वो वर्चुअल और ऑगमेंटेड रिएलिटी के बारे में सोचता था. उसे एक्टिंग करनी थी. स्पेस को लेकर उसकी चिंता रहती थी. बच्चों को पढ़ाना हो. उन्हें स्कॉलरशिप दिलाना हो. उसके दिमाग में बहुत कुछ चला करता था."

प्रियंका ने बताया, "जहां तक विविडरेज की स्थापना का सवाल है तो हमें कम से कम 2 लोगों की जरूरत होती है. जो कि प्रमोटर और डायरेक्टर के तौर पर कंपनी में काम करते हैं. उस वक्त भी मुझे नहीं लगता है कि बिजनेस पार्टनर बनाए जाने जैसी कोई बात थी. बात बस ये थी कि वो अपने सपनों को आगे ले जाना चाहता था. उसकी जिंदगी में कुछ लोग थे जिनकी मदद से उन्हें इस चीजों को सेटअप करना आसान हो जाता."

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ऑनलाइन उपलब्ध हैं कंपनी की डिटेल्स

"अगर आप कंपनी के डिटेल देखेंगे जो कि आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध हैं तो इनमें साफ नजर आ जाएगा कि बहुत साफ हैं चीजें. तीन लोग हैं सबके बराबर बराबर शेयर हैं. ऐसा नहीं था कि चीजें बहुत पेचीदा रखी गई हों या बहुत ज्यादा लेनदेन जैसा कुछ हो रहा हो."

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