रिया को थाने बुलाकर थप्पड़ मरवाना चाहते थे सुशांत के जीजा: परमजीत दहिया

मुंबई के आईपीएस अफसर परजीत सिंह दहिया का इस बारे में पूरी तरह अलग बयान है. हरियाणा पुलिस के सीनियर आईपीएस ऑफिसर ओपी सिंह इस साल फरवरी के पहले हफ्ते में मुंबई गए थे.

सुशांत सिंह राजपूत और रिया चक्रवर्ती
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 7:31 AM IST

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड मामले में लगातार नए मोड़ आते जा रहे हैं. अब सुशांत के जीजा ओपी सिंह ने वो चैट सार्वजनिक कर दी है जिसमें उन्होंने मुंबई के आईपीएस ऑफिसर परमजीत सिंह दहिया से सुशांत के बारे बातचीत करने की बात कही थी. दोनों के बीच की इस अनौपचारिक बातचीत के कुछ टुकड़े उन्होंने मीडिया के साथ शेयर किए हैं. सुशांत के जीजा ने आरोप लगाया है कि सुशांत की जान खतरे में है इस बारे में जानकारी होते हुए भी मुंबई पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया.

हालांकि मुंबई के आईपीएस अफसर परजीत सिंह दहिया का इस बारे में पूरी तरह अलग बयान है. हरियाणा पुलिस के सीनियर आईपीएस ऑफिसर ओपी सिंह इस साल फरवरी के पहले हफ्ते में मुंबई गए थे. उन्होंने ये कहकर दहिया को चौंका दिया कि वो सुशांत के घर पर एक पुलिसवाले को भेजें और बताएं कि वो मुंबई आ गए हैं. परजीत सिंह दहिया ने कहा, "ओपी सिंह मेरे पास आए और मुझसे कहा कि वो वो सीनियर आईपीएस अफसर की डिमांड पर कही गई कुछ चीजों के संदर्भ में आए हैं. वो बांद्रा के ताज लैंड्स होटल में ठहरे हुए थे. मैं थोड़ा हैरान था कि ये एक बहुत मिला जुला परिवार है फिर वो एक पुलिसवाले को सुशांत के घर भेजकर उसे ये क्यों सूचित कराना चाहते हैं कि वो आ गए हैं."

"उन्होंने मुझे चुपचाप बताया कि मैं बांद्रा पुलिस के SHO को सुशांत के घर भेजकर उससे ये कहलवाऊं." चैट के मुताबिक सुशांत के जीजा सचिन तेंदुलकर से मिलना चाहते थे और बांद्रा के ताज होटल के फूड बिल में डिसकाउंट चाहते थे. हालांकि दोनों ही निवेदनों के बारे में दहिया ने कहा कि ये संभव नहीं है. कुछ दिनों के बाद ओपी सिंह मुंबई से चले गए. लेकिन जाने से पहले वो न तो दहिया से मिले और ना ही उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत से बातचीत की. हालांकि 18 फरवरी से लेकर 25 फरवरी तक उन्होंने दहिया से व्हाट्सएप पर बातचीत की और सुशांत के केस में अनाधिकारिक तरीके से मदद करने को कहा.

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सुशांत सिंह राजपूत के परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्होंने बांद्रा पुलिस को 25 फरवरी को सूचना दी थी कि सुशांत की जान खतरे में हो सकती है. इन आरोपों के बारे में डीसीपी परमजीत सिंह दहिया ने कहा कि कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी गई थी. उन्होंने कहा, "ओपी सिंह ने मुझे बताया था कि मुझे उस लड़की (रिया चक्रवर्ती) को फोन करके पुलिस स्टेशन बुलाना चाहिए और उसे थप्पड़ लगाना चाहिए और मिरांडा नाम के शख्स को एक दिन की हिरासत में रखना चाहिए."

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परमजीत ने कहा, "बिना किसी शिकायत या जांच के मैं किसी को थाने बुलाकर उसे थप्पड़ नहीं मार सकता. मैंने लगातार ये बात उसने कही और मैं इस बात पर अड़ा हुआ था कि पहले उन्हें एक लिखित शिकातय दर्ज करानी चाहिए और फिर जांच शुरू होगी. वो एक सीनियर अधिकारी हैं और उन्हें चीजें पता होनी चाहिए. हालांकि जब मैंने लिखित शिकायत की बात कही तो जब तक मैं बांद्रा जोन 9 का डीसीपी रहा हूं, कोई लिखित शिकायत नहीं आई."

नहीं मिली औपचारिक कंप्लेंट

"बल्कि पुलिस स्टेशन लेवल पर किसी भी कॉप को इनफॉर्म नहीं किया गया. मेरा ट्रांसफर 1 अप्रैल को जोन 9 से हो गया और तब तक उन्होंने कभी भी मुझे इस बारे में संपर्क नहीं किया. आपको ये बात समझनी चाहिए कि व्हाट्सएप चैट कोई पुलिस कंप्लेंट नहीं होती है. वो इतने सीनियर अधिकारी हैं वो मुझे कम से कम एक मेल ही कर सकते थे. अनौपचारिक रूप से दी गई सूचना के आधार पर मैं किसी को पुलिस थाने में बुलाकर थप्पड़ नहीं मार सकता हूं."

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