बॉलीवुड की 2 बड़ी फिल्में इस शुक्रवार को रिलीज हो रही हैं. पहली नवाजुद्दीन सिद्दीकी की मंटो और दूसरी शाहिद कपूर की बत्ती गुल मीटर चालू. दोनों फिल्मों का इंतजार लंबे समय से हो रहा है. मंटो जहां ख्यात कहानीकार सआदत हसन मंटो की बायोपिक होगी, वहीं श्रीनारायण सिंह निर्देशित बत्ती गुल मीटर चालू बिजली कटौती के मुद्दे पर है.
शुरुआती रुझानों के अनुसार, बत्ती गुल मीटर चालू पहले दिन 5 करोड़ रुपए तक कमा सकती हैं, जो कि शाहिद के लिए थोड़ा निराशाजनक हो सकता है. इस फिल्म की सफलता वर्ड ऑफ माउथ पर निर्भर करती है. ये करीब 2500 स्क्रीन्स पर रिलीज हो रही है. दूसरी नॉन कमर्शियल फिल्मों में गिनी जा रही नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म मंटो का पहले दिन का कलेक्शन 1 करोड़ से कम रह सकता है.
फिल्म की कहानी उत्तराखंड के एक छोटे से कस्बे में बुनी गई हैं और निर्देशक श्री नारायण सिंह ने मजाकिया अंदाज में एक गंभीर मुद्दे को उठाने की कोशिश की है. कहानी बिजली विभाग द्वारा भेजे जाने वाले गलत बिलों के बारे है. फिल्म में शाहिद इस गोरखधंधे के विरुद्ध आवाज उठाते हैं. पेशे से वकील शाहिद कपूर फिल्म में उस वक्त विद्रोही हो उठते हैं जब उनका दोस्त (दिव्येंदु शर्मा) सरकारी दबाव के चलते आत्महत्या कर लेता है.
असल में दिव्येंदु के यहां बिजली विभाग 1.5 लाख रुपये का बिल भेज देता है. जिसकी शिकायत जब वह बिजली विभाग में करता है तो उसकी एक नहीं सुनी जाती. उसे बताया जाता है कि यदि उसने बिजली का बिल नहीं भरा तो उसे पुलिस हिरासत में भी लिया जा सकता है. इससे पहले अक्षय कुमार भी इस तरह के मुद्दों पर फिल्में बना चुके हैं. यह पहली बार है कि जब शाहिद ऐसे किसी मामले को लेकर फिल्म बना रहे हैं.
महेन्द्र गुप्ता