सैफ बोले- तैमूर को लेकर क्रेजी हैं लोग, लॉन्च करने पर देंगे नेपोटिस्म का ताना

नेपोटिस्म विवाद पर सैफ अली खान ने कहा है कि बड़े होकर अगर तैमूर फिल्मों में आता है तो लोग उसे भी नेपोटिस्म का ताना मारेंगे.

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सैफ अली खान और तैमूर अली खान सैफ अली खान और तैमूर अली खान

सिद्धार्थ हुसैन

  • मुंबई,
  • 20 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 12:35 AM IST

सैफ अली खान के लिए कंगना विवाद तो खत्म हो गया लेकिन जब उनका बेटा तैमूर बड़ा होकर हीरो बनता है क्या वो नेपोटिस्म होगा या नहीं.

इस सवाल के जवाब पर सैफ ने कहा, 'मैं नेपोटिस्म में विश्वास नहीं रखता हूं. आखिर नेपोटिस्म का मतलब होता क्या है? क्या अपने परिवार का सपोर्ट लेना नेपोटिस्म है? क्या नेपोटिस्म स्टार्स के बच्चों को सपोर्ट करना है?

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अगर आप किसी स्टार के बच्चे हैं तो यह जरूर है कि आपको इसका फायदा मिलता है. सवाल यह है कि क्या ये नेपोटिस्म है या जेनिटिक है? मेरे बेटे तैमूर को ही देख लीजिए. वो बहुत छोटा बच्चा है लेकिन प्रेस ने उसकी इतनी तस्वीरें खींच ली हैं कि उसकी इतनी बात होती है कि लगता है कि वो अभी से ही स्टार हैं. ऐसे में बतौर पिता मेरे लिए मुश्किल है उसे समझाना कि वो सिर्फ एक साधारण बच्चा है. क्योंकि वो कुछ भी करता है उसकी बात रिपोर्ट की जाती है.

हर जगह उसकी फोटो खींची जाती है. ऐसे में जब वो 18 साल का होगा और कोई प्रोड्यूसर उसे साइन करना चाहेगा तो क्या इसे नेपोटिस्म कहेंगे? लेकिन इस बात का दूसरा पहलू ये है कि तैमूर को कास्ट इसलिए भी करना चाहेगा क्योंकि पहले से ही लोग उसे जानते हैं. सैफ का ये भी मानना है ऐसे हालात ये नेपोटिस्म नहीं बल्कि मौके का फायदा उठाना होगा.

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कंगना से सहमत सैफ:

कंगना की नेपोटिस्म की बात से सैफ सहमत हैं. सैफ का कहना है कि कंगना उनलोगों की बात कर रही हैं, जो निगेटिव तरीके से इंडस्ट्री पर अपना कंट्रोल रखना चाहते हैं.

सैफ ने माना कि इंडस्ट्री में उन्हें ब्रेक आसानी से मिल गया था लेकिन शुरुआती दौर में उनकी सारी फिल्में पिटी थीं. सैफ का कहना है 'लोग मुझे भी फिल्म फैमिली का कहेंगे लेकिन मेरी स्ट्रगल बहुत लंबी रही है. जब मैं स्टार सन के तौर पर 90 के दशक में काम कर रहा था तब यश चोपड़ा मेरे साथ नहीं बल्कि शाहरुख खान के साथ काम कर रहे थे जो स्टार सन नहीं थे.'

 

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