पद्मावत: CBFC चीफ प्रसून जोशी को मिलेगी सुरक्षा, करणी सेना ने दी थी धमकी

पद्मावत का विरोध करते हुए करणी सेना ने सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को भी राजस्थान न आने की चेतावनी दी है. प्रसून जोशी 25 जनवरी को जयपुर लिटरेचर फेस्ट‍िवल के एक सेशन में शामिल होने वाले हैं.

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प्रसून जोशी प्रसून जोशी

महेन्द्र गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 21 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 5:46 PM IST

पद्मावत का विरोध करते हुए करणी सेना ने सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को भी राजस्थान न आने की चेतावनी दी है. प्रसून जोशी 25 जनवरी को जयपुर लिटरेचर फेस्ट‍िवल के एक सेशन में शामिल होने वाले हैं.

राजपूत करणी सेना राजस्थान सहित अन्य राज्यों में संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत का विरोध कर रही है. सेना सेंसर चीफ प्रसून जोशी से भी फिल्म को हरी झंडी दिए जाने के कारण नाराज है. जोशी 28 जनवरी को राजस्थान की राजधानी जयपुर आ रहे हैं. वे जयपुर लिटरेचर फेस्ट‍िवल के सत्र मैं और वो: कंवर्सेशन विद मायसेल्फ' ऐसे में करणी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि वे राजस्थान आए तो सारा जोखिम उनका होगा. इन सब धमकियों को देखते हुए राजस्थान की सरकार ने जोशी को विशेष सुरक्षा देने का फैसला लिया है.

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राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा है हम जो भी जरूरी सुरक्षा होगी, प्रसून जोशी को देंगे. ये हमारा दायित्व है कि हम कानून व्यवस्था बनाने के लिए सुरक्षा दें.

राजस्थान में ही नहीं गुजरात में भी फिल्म का विरोध हो रहा है. थि‍एटर मालिकों द्वारा फिल्म पद्मावत की स्क्रीनिंग नहीं करने के फैसले के बाद भी इस फिल्म को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा. विरोध के चलते अहमदाबाद शहर के एक मल्टीप्लेक्स में जमकर तोड़फोड़ और मेहसाणा जिले में बसों में आग लगाने का मामला सामना आया है.

जब पहले ही गुजरात के मल्टीप्लेक्स ऐसोसिएशन ने फ़िल्म पद्मावत को ना दिखाने का फेसला ले लिया है तो फिर विरोध किस बात को लेकर जारी है? बता दें सुप्रीम कोर्ट के फिल्म को देशभर में रिलीज करने के फैसले के बावजूद गुजरात के मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने राज्य में कहीं भी पद्मावत की स्क्रीनिंग नहीं करने का फैसला लिया है.गुजरात मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के राकेश पटेल ने एएनआई से कहा, 'हमने गुजरात में कहीं भी फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं करने का फैसला लिया है. हर कोई डरा हुआ है. मल्टीप्लेक्स नुकसान से नहीं उठाना चाहते हैं. आखिर हम नुकसान उठाए ही क्यों.'

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