भुवनेश्वर में आयोजित इंडिया टुडे माइंड रॉक्स में इमरान हाशमी ने शिरकत की. वे इस समय अपनी फिल्म 'व्हाय चीट इंडिया' के कारण चर्चा में हैं. माइंड रॉक्स के इस सेशन को सुशांत मेहता ने मॉडरेट किया. इस दौरान इमरान ने बताया कि उनकी फिल्म का नाम रिलीज से पहले चेंज हो गया. इसे चेंज कराने के पीछे क्या लॉजिक है, ये उन्हें समझ नहीं आया. इसीलिए कहा जाता है सेंसलेस सेंसर बोर्ड. बता दें कि इमरान की फिल्म का नाम पहले चीट इंडिया था, सेंसर बोर्ड की आपत्ति के बाद व्हाय चीट इंडिया हो गया है.
इमरान ने बताया कि उन्होंने अपनी क्लास में एग्जाम के दौरान चीटिंग की है. उन्होंने कहा- "मैंने अपने कॉमर्स कोर्स के दौरान इकोनॉमिक्स के एग्जाम में चीटिंग की थी. मैंने अपनी लाइफ के पांच साल कॉमर्स में बर्बाद किए, क्योंकि मेरी गर्लफ्रेंड कॉमर्स पढ़ रही थी. मुझे लगा कुछ तो फायदा हो."
इमरान हाशमी ने कहा- "मेरे स्कूल ने मुझे वोकेशनली तैयार किया है, लेकिन आर्ट की ओर कोई दिशा नहीं दिखाई. 10 साल तक मैं रट्टा मार रहा था. जैसा कि हम सब स्कूल में करते हैं. पांच साल तक कॉमर्स में रहने के बाद मुझे पता चला कि मुझे आर्ट्स की तरफ जाना चाहिए. मैं समय बर्बाद कर रहा हूं."
इमरान ने कहा- मेरे इकोनॉमिक्स के एग्जाम में मेरे इनविजिलेटर ने नकल कराई थी. उन्होंने एग्जाम से पहले गेट बंद कर दिए और बोले कि अपनी टेक्स्ट बुक निकालो और जी भरकर नकल करो. 45 मिनट तक नकल करने को कहा. इसके बाद अगले इनविजिलेटर को आना था.
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