पहले दिन ही ऑफिस से गायब रहे नए अध्यक्ष प्रसून जोशी, काम में रुकावट

प्रसून जोशी का पहले दिन सेंसर बोर्ड के ऑफिस से गायब रहना बड़ा मुद्दा बन गया. इससे कुछ फिल्मों के सर्टिफिकेट अटक गए. जोशी का कहना है कि वे पहले अपने काम को समझना चाहते हैं.

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Prasoon Joshi Prasoon Joshi

महेन्द्र गुप्ता

  • नई दिल्‍ली,
  • 16 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 3:49 PM IST

पिछले हफ्ते सेंसर बोर्ड के नए अध्यक्ष बनाए गए प्रसून जोशी को सोमवार से ऑफिस जॉइन करना था, लेकिन वे पहले दिन ही गायब रहे. इससे ऑफिस में कामकाज को लेकर अफरा-तफरी रही.

दरअसल, सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी अपने जाने से पहले कई फिल्मों को सर्टिफिकेट देकर गए हैं. इनमें आगामी शुक्रवार को रिलीज होने वाली फिल्में बरेली की बर्फी और अ जेंटलमैन भी थीं. नियम के मुताबिक इन फिल्मों के प्रोड्यूसर्स को सोमवार को अपने सर्टिफिकेट कलेक्ट करने थे. लेकिन सोमवार को जब प्रोड्यूसर ऑफिस पहुंचे तो बोर्ड के नए अध्यक्ष प्रसून जोशी जो कि इन सर्टिफिकेट्स को जारी करने वाले थे, गायब थे. ऐसे में बरेफी की बर्फी के प्रोड्यूसर दुविधा में पड़ गए, क्योंकि फिल्म की रिलीज डेट इसी शुक्रवार की है. उन्होंने तत्काल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी से संपर्क किया. उन्होंने प्रोड्यूसर की मदद की. यदि सर्टिफिकेट अटक जाता तो बरेली की बर्फी का इस शुक्रवार को रिलीज होना मुश्क‍िल था.

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उधर, प्रसून जोशी ने कहा है कि वे काम शुरू करने से पहले अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहते हैं. वे किसी जल्दबाजी में नहीं हैं. बता दें कि फिल्मों पर लगातार हो रहे विवाद के बाद सरकार ने पहलाज निहलानी को हटाकर प्रसून जोशी को सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है. निहलानी का हालिया विवाद शाहरुख खान की फिल्म जब हैरी मेट सेजल में से इंटरकोर्स शब्द हटाने को लेकर हुआ. फिल्म बाबूमोशाय बंदूकबाज में लगाए 50 से ज्यादा कट भी विवाद का कारण बने.

 

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