जब ये गाना सुनने को तड़प रहे थे वाजपेयी, इस सिंगर से की थी गुजारिश

अटल बिहारी वाजपेयी को कविता, कहानियों, गानों और फिल्मों का खूब शौक था. राजनीति के अलावा उन्हें जब भी खाली वक्त मिलता वह कला और साहित्य से संबंधित चीजों में खो जाते थे. उन्होंने भूपेन हजारिका से एक बार ख़ास गाने की फरमाइश की थी. किस्सा दिलचस्प है.

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अटल बिहारी वाजपेयी अटल बिहारी वाजपेयी

पुनीत पाराशर

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 3:41 PM IST

पूर्व प्रधानमंत्री का गुरुवार शाम निधन हो गया. नई दिल्ली के AIIMS अस्पताल में शाम 5.05 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. वाजपेयी एक दिग्गज राजनेता थे, लेकिन जब भी उन्हें खाली वक्त मिलता वह कविता, कहानियों, फिल्मों और कला से संबंधित चीजों में भी रुचि लेते. वह गायक-कंपोजर भूपेन हजारिका के बड़े फैन थे.  एक बार उन्होंने भूपेन हजारिका की आवाज में असमी गाने को सुनने के लिए गुजारिश भी की थी.

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यह तब की बात है जब भूपेन नई दिल्ली में परफॉर्म कर रहे थे. भूपेन रामलीला मैदान के स्टेज पर थे और के नाम की एक चिट उनके पास आई. हजारिका के साथी कमल पैकअप करने ही जा रहे थे कि भूपेन के पास ये चिट आ गई थी. इस पर भूपेन के लोकप्रिय गाने के बोल लिखे थे. "मोई एती जाजाबोर" और नीचे वाजपेयी का नाम लिखा हुआ था.

भूपेन को याद आया कि उन्होंने ये गाना तो परफॉर्म ही नहीं किया. उन्होंने ये गाना परफॉर्म किया और बाद में जब वह से मिले तो उन्होंने बताया कि वह सबसे आगे वाली कतार में बैठ कर इस गाने को सुनने का इंतजार कर रहे थे. वाजपेयी ने कहा था, "गाना सुनने के लिए तड़प रहा था इसलिए ये रिक्वेस्ट भेजा." साल 2004 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार विजेता हजारिका गुवाहाटी से बीजेपी के टिकट पर लोकसभा सदस्य भी बने. इसके पीछे कहीं कहीं वाजपेयी जी ही थे.

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