एक्टर आलोक नाथ पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं. कई महिलाओं ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. इस सबको देखते हुए आलोक नाथ ने भी आगे का कदम उठाया है. आलोक नाथ प्रोड्यूसर विनता नंदा के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया है.
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में #MeToo कैंपेन के तहत कई महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाई है. नाना पाटेकर, साजिद खान, विकास बहल, पीयूष मिश्रा, सुभाष घई समेत अब तक कई बड़े सितारों पर आरोप के मामले सामने आ चुके हैं.
बता दें कि शुक्रवार को आलोक नाथ ने कोर्ट को एक शिकायती पत्र लिखकर कहा था कि वह पुलिस को आरोपों की जांच करने का आदेश दे. आलोक नाथ ने अंधेरी मेट्रोपॉलियन कोर्ट में लिखित शिकायत कर कहा कि वह पुलिस को उन सब सोशल मीडिया पोस्ट्स की जांच का आदेश दे, जिसमें उनके ऊपर आरोप लगाए गए हैं और उन्हें बदनाम किया गया है.
साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि अगर उनकी इस शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया तो उन्हें होने वाली गंभीर हानि और जख्मों का कभी पैसों के रूप में मुआवजा नहीं दिया जा सकेगा.
बता दें कि आलोक नाथ को FWICE ने कारण बताओ नोटिस भेजा गया है. उनसे 10 दिन में जवाब मांगा गया है. विनता के आरोपों का आलोक नाथ ने खंडन किया है. सूत्रों की मानें तो उनकी लीगल टीम कानूनी कार्रवाई करने का मन बना रही है. तमाम आरोपों में फंसने के बाद आलोक नाथ की तबीयत बिगड़ गई है. 1-2 दिन में वे या उनके वकील इस पूरे मामले पर बयान दे सकते हैं.
आलोक नाथ की सफाई
इस पूरे मामले पर जब 'आजतक' की टीम ने आलोक नाथ से ख़ास बातचीत की, तो उनका कहना था कि आज के जमाने में अगर कोई महिला किसी पुरुष पर आरोप लगाती है तो पुरुष का इस पर कुछ भी कहना मायने नहीं रखता. मैं विनता को अच्छे से जानता हूं. इस समय इस मामले पर मैं चुप ही रहना चाहूंगा. उन्हें अपने विचार रखने का हक़ है. समय आने पर सही बाते सामने आ जाएंगी. फिलहाल मैं इस बात को पचाने की कोशिश में लगा हूं. बाद में इस पर कमेंट करूंगा.
मोनिका गुप्ता