सेलेना गोमेज ने दादा का हाथ थाम की शादी, तोड़ा मां का दिल, सीक्रेट रखा था ये बड़ा फैसला

सेलेना गोमेज ने बेनी ब्लैंको संग शादी रचा कर फैंस को खुश कर दिया है. एक प्राइवेट सेरेमनी में सेलेना ने 'I DO' कहा. इस शादी की खास रस्म के लिए सेलेना ने मां-पिता को छोड़कर अपने दादा को चुना. उनके इस फैसले ने मां को बहुत दुख पहुंचाया था.

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सेलेना ने तोड़ा मां का दिल (Photo: AP) सेलेना ने तोड़ा मां का दिल (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 6:54 PM IST

अमेरिकन सिंगर और एक्ट्रेस सेलेना गोमेज हाल ही में अपने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड बेनी ब्लैंको के साथ शादी के बंधन में बंध गई हैं. उन्होंने सांता बारबरा के एक प्राइवेट एस्टेट में परिवार और करीबियों की मौजूदगी में शादी रचाई. वेडिंग सेरेमनी का हिस्सा सेलेना की करीबी दोस्त सिंगर टेलर स्विफ्ट भी बनीं. 

अब लेकिन शादी के ग्लैमर से हटकर, परिवार से जुड़ा सेलेना का एक भावनात्मक फैसला खूब सुर्खियां बटोर रहा है. दरअसल, क्र‍िश्चयन वेड‍िंंग में बेस्ट मैन सेलेना ने अपनी मां या पिता को नहीं दादा जी को बनाया था. इससे उनकी मां की फीलिंग्स को दुख पहुंचा है.  

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सेलेना के फैसले ने बदले हालात

डेली मेल की खबर के मुताबिक सेलेना ने अपनी मां मैंडी टीफी या सौतेले पिता ब्रायन टीफी को छोड़कर शादी की खास रस्म के लिए दादा डेविड कॉर्नेट को चुना. सेलेना चाहती थीं कि कार से वेड‍िंंग स्टेज तक उनके दादा उनका हाथ पकड़कर चलें. वैसे तो सेलेना ने ये फैसला शादी की प्लानिंग के शुरुआती दौर में ही ले लिया था. लेकिन सिंगर ने ये बात अपनी मां और सौतेले पिता से छुपाकर रखी थी.

जब सेलेना ने अपने दादा-दादी को बताया तो उनके खुशी के आंसू निकल पड़े थे. वो बेहद भावुक हो गए थे. सेलेना ने कहा कि ऐसा करने के पीछे उनकी एक खास वजह थी. इसका मतलब उनके लिए वही लोग हैं, जिन्होंने उनका बचपन संवारा और उन्हें आज जिस मुकाम तक पहुंचाया. सेलेना ने उन्हें बताया कि उन्हें सम्मान देने का इससे खास तरीका कोई और नहीं हो सकता था.

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मां का टूटा दिल

हालांकि ये फैसला सेलेना का पूरी तरह से दिल से लिया गया फैसला था. लेकिन इसने उनकी मां मैंडी को जरूर दुख पहुंचाया. इनसाइडर की मानें तो, सेलेना की मां “शैटर” हो गई थीं, उनका दिल टूट गया था. सौतेले पिता ब्रायन को भी दुख हुआ, क्योंकि उन्हें लगा कि ऐसे मौके पर मां को चुना जाना चाहिए था. सेलेना भी जानती थीं कि ये फैसला भावनात्मक है, इसलिए उन्होंने अपनी मां को करीब एक महीने तक ये बात बताने में देरी की. उन्होंने अपने दादा-दादी से कहा कि जब तक वे तैयार न हों, तब तक इस बात को सीक्रेट रखें. 

जब उन्होंने आखिरकार अपनी मां और सौतेले पिता के साथ बात की, तो सेलेना ने समझाया कि ये फैसला लेने का मतलब ये नहीं है कि वो उन्हें रिजेक्ट कर रही हैं या उनका अपमान कर रही हैं. बल्कि इस तरीके से वो अपने दादा को वो सम्मान देना चाहती हैं, जिसके वो हकदार हैं. बावजूद इसके, बेटी के लिए इस फैसले को एक्सेप्ट करने में मैंडी को कुछ हफ्ते लग गए. सेलेना का ये फैसला परिवार के लिए बेहद इमोशनल साबित हुआ और उनके दादा के लिए एक अनमोल पल बन गया.

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