Movie Review: सिंगल्स की डबल सीट जर्नी है ' करीब करीब सिंगल'

बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर इरफान खान की फिल्म 'करीब करीब सिंगल' रिलीज हो गई है. अगर आप इसे देखने जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले जान लें इस फिल्म की कहानी...

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फिल्म का पोस्टर फिल्म का पोस्टर

वन्‍दना यादव

  • नई दिल्ली,
  • 10 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:17 AM IST

फिल्म का नाम: करीब करीब सिंगल

डायरेक्टर: तनुजा चंद्रा

स्टार कास्ट: इरफान खान, पार्वती, निधि जोशी अवधि: 2 घंटा 06 मिनट

सर्टिफिकेट: U/A

रेटिंग: 3 स्टार

डायरेक्टर तनुजा चंद्रा हमेशा से ही अपनी गंभीर मुद्दों वाली फिल्मों के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने दुश्मन, संघर्ष, सुर इत्यादि फिल्में डायरेक्ट की हैं और अब लगभग 9 साल के लम्बे ब्रेक के बाद फिल्म 'करीब करीब सिंगल' के साथ वापसी कर रही हैं. इरफान खान और साउथ की स्टार पार्वती इस फिल्म में अहम रोल में हैं.

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कहानी

कहानी जया (पार्वती) और योगी (इरफान) की है. जया के हसबैंड आर्मी में थे और उनका देहांत हो जाता है तो वो अभी सिंगल लाइफ गुजार रही हैं. वहीँ योगी पूरी तरह से ऐसे सिंगल हैं जिनकी जिंदगी में समय-समय पर 3 अलग गर्लफ्रेंड बनती हैं. जया और योगी एक इंटरनेट एप के जरिये मुलाकात करते हैं. मुलाकात के बाद योगी की पिछली गर्लफ्रेंड्स से मिलने के लिए योगी और जया की जर्नी शुरू हो जाती है. अलग-अलग जगहों जैसे- ऋषिकेश, राजस्थान, गंगटोक होते हुए ये यात्रा काफी दिलचस्प होती जाती है. अब क्या योगी और जया एक दूसरे से प्यार भी करने लगते हैं? इस जर्नी का अंत क्या होता है, इसका पता आपको फिल्म देखकर ही चल पाएगा.

क्यों देख सकते हैं फिल्म

- फिल्म की कहानी दिलचस्प है और उसे दर्शाने का ढंग काफी कमाल का है. तनुजा चंद्रा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म की खासियत ये है की फ्री फ्लो में कहानी आगे बढ़ती जाती है और एक के बाद एक सिलसिलेवार घटनाएं आपको एंटरटेन करती हैं.

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- ये फिल्म आपके चेहरे पर मुस्कान लाती है. खासतौर से जब भी इरफान खान स्क्रीन पर होते हैं और तरह-तरह के पंच मारते हैं.

- इरफान खान का ये अवतार काफी बढ़िया है और उन्होंने उम्दा अभिनय किया है. वहीँ साउथ एक्ट्रेस पार्वती ने बहुत ही शिद्दत से अभिनय किया है जो की पर्दे पर नजर भी आता है.

- फिल्म में लोकेशंस भी अच्छी हैं जो कहानी को आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान करती हैं. सिनेमेटोग्राफी और डायरेक्शन बढ़िया हैं.

कमजोर कड़ियां

फिल्म के गाने रिलीज से पहले हिट नहीं हुए जो की एक चिंता का विषय है. साथ ही इंटरवल के बाद का हिस्सा थोड़ा और दुरुस्त किया जाता तो फिल्म काफी बेहतर होती. इस फिल्म का अंत टिपिकल हिंदी फिल्मों के जैसा नहीं है तो शायद सबको पसंद ना आए. स्क्रीनप्ले को और बेहतर किया जाता तो फिल्म और भी ज्यादा सफल हो सकती थी.

बॉक्स ऑफिस

फिल्म का बजट लगभग 20 करोड़ है और इसे 1000 से ज्यादा स्क्रीन्स में रिलीज किया गया है. देखना बेहद खास होगा की इस फिल्म की ओपनिंग वीकेंड पर कितनी कमाई हो पाती है.

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