Review: औसत कहानी पर डराने में कामयाब होती है 'दोबारा: सी योर इविल'

अमेरिकन हॉरर फिल्म 'ओक्युलस' की ऑफिशियल हिंदी रीमेक 'दोबारा' के रूप में बनाई गई है, जिसमें पहली बार हुमा कुरैशी और उनके भाई शाकिब सलीम की जोड़ी रील लाइफ में भी दिखाई देने वाली है. जानते हैं कैसी बनी है फिल्म...

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दोबारा: सी योर इविल का पोस्टर दोबारा: सी योर इविल का पोस्टर

आर जे आलोक

  • मुंबई,
  • 01 जून 2017,
  • अपडेटेड 6:25 PM IST

फिल्म का नाम: दोबारा: सी योर इविल
डायरेक्टर: प्रवाल रमन
स्टार कास्ट: हुमा कुरैशी, शाकिब सलीम, आदिल हुसैन, लिसा रे, रिया चक्रवर्ती
अवधि: 1 घंटा 47 मिनट
सर्टिफिकेट: A
रेटिंग: 2.5 स्टार
अमेरिकन हॉरर फिल्म 'ओक्युलस' की ऑफिशियल हिंदी रीमेक 'दोबारा' के रूप में बनाई गई है, जिसमें पहली बार हुमा कुरैशी और उनके भाई शाकिब सलीम की जोड़ी रील लाइफ में भी दिखाई देने वाली है. डायरेक्टर प्रवाल रमन हमेशा से ही अलग तरह की फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं. चाहे वो डरना मना है, डरना जरूरी है, हो या फिर 404 या कुछ वक्त पहले रिलीज हुई मैं और चार्ल्स. प्रवाल की तरफ से इस बार क्या सरप्राइज है? आखिर कैसी बनी है यह फिल्म आइए फिल्म की समीक्षा करते हैं...

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कहानी:
यह कहानी एलेक्स मर्चेंट (आदिल हुसैन) और उसकी वाइफ लिसा मर्चेंट (लिसा रे) की है, जिनके दो बच्चे कबीर मर्चेंट (शाकिब सलीम) और नताशा मर्चेंट (हुमा कुरैशी) हैं. एलेक्स एक मिरर खरीद कर लाता है लेकिन उसे नहीं पता होता कि शीशे के पीछे एक अलग तरह की सुपरनैचरल पावर है और वो सम्मोहित करती रहती है.

जब कबीर और नताशा बड़े होते हैं तब तक उनके पेरेंट्स की डेथ हो जाती है और उस डेथ के पीछे का राज जानने के लिए दोनों भाई-बहन प्रयास करते हैं. इस कड़ी में कई गुत्थियां एक-एक करके सुलझती हैं, जिसे जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.


क्यों देखें फिल्म:
- फिल्म किस्तों में डराती है. साथ ही जिस तरह का सेटअप फिल्म में दर्शाया गया है वह बेहतरीन है.
- सिनेमेटोग्राफी लोकेशन और टेक्निक बढ़िया है.
- अभिनेता आदिल हुसैन का काम सबसे उम्दा है. वहीं शाकिब सलीम ने अच्छा काम किया है. लिसा रे की जगह और कोई बेहतर कास्टिंग हो सकती थी, जिससे कनेक्ट कर पाना आसान होता. हुमा कुरैशी का काम भी सहज है.
- फिल्म की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें जबरदस्ती वाले भूत प्रेत, तंत्र मंत्र नहीं दिखाई देते हैं.
कमजोर कड़ियां:
- फिल्म 'आक्यूलस' की ऑफिशियल हिंदी रीमेक है, लेकिन जो बात अंग्रेजी फिल्म मे थी वह यहां नदारद दिखती है.
- स्क्रिप्ट के लेवल पर और भी ज्यादा काम करने की जरूरत थी. काफी घूमती हुई कहानी नजर आती है और कई ऐसे फ्रेम है जो अगर आपने बारीकी से नहीं देखे तो आप कई बातें मिस कर सकते हैं.
- फिल्म में फ्लैश बैक और प्रेजेंट डे को दर्शाने में थोड़ी और एहतियात बरतने की जरूरत थी, जो कि नहीं हो पाया है और काफी कंफ्यूजन ही बनी रहती है.

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बॉक्स ऑफिस:
फिल्म की लागत लगभग 10 करोड़ बताई जा रही है. खबरों के मुताबिक डिजिटल और म्यूजिक राइट्स पहले से ही बेचे जा चुके हैं, जिसकी वजह से फिल्म की रिकवरी अंततः होने के चांसेस ज्यादा हैं.

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