बॉलीवुड की अदाकारा मुमताज एक जमाने में हर किसी की फेवरेट हुआ करती थीं. 60 से 70 के दशक में उन्होंने कई हिट फिल्में दीं और राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, शम्मी कपूर जैसे सुपरस्टार के साथ काम भी किया. लेकिन 1974 में मुमताज ने अचानक इंडस्ट्री छोड़कर शादी का फैसला किया. उनकी शादी एक बिजनेसमैन मयूर माधवानी से हुई, जिनसे आज उन्हें दो बेटियां भी हैं.
हिंदू भगवानों पर बोलीं मुमताज
मुमताज ने अपने हालिया इंटरव्यू में पति मयूर माधवानी से शादी पर बात की है. उनकी इंटरफेथ मैरिज हुई थी. मुमताज बताती हैं कि मुस्लिम होने के बावजूद शादी के बाद उनके अंदर हिंदू देवी-देवताओं के लिए गहरी आस्था पैदा हो गई है. वो भगवान कृष्ण, गणेश और शिव में मानती हैं.
सितारों का सफर यूट्यूब चैनल से मुमताज ने कहा, 'मेरे सबसे फेवरेट भगवान शंकर और कृष्ण हैं. मैं इन दोनों पर बहुत गहरा विश्वास करती हूं, भले ही मैं मुस्लिम हूं. जब भी मैं घर में सीढ़ियां उतरती हूं, तो वहां गणेश जी की मूर्ति रखी होती है – ये मेरे सबसे फेवरेट हैं. मैं उनके पैरों में अपना सिर झुकाती हूं. मुझे भगवान शंकर पर भी बहुत भरोसा है. बचपन से मुझे अच्छे दिखने वाले लोग बहुत पसंद हैं, और मुझे लगता है कि वो सबसे हैंडसम भगवान हैं. इसलिए मुझे वो बहुत पसंद हैं. बस ये दो भगवान हैं जिन पर मुझे खास विश्वास है.'
वहीं अपनी इंटरफेथ मैरिज पर एक्ट्रेस बोलीं, 'मैं दोनों धर्मों में मानती हूं. मैंने हिंदू लड़के से शादी की है, मेरी बहन ने भी हिंदू से ही शादी की. हम दोनों बहुत खुश हैं. पति मेरी बहुत अच्छे से देखभाल करते हैं. मुझे समझ नहीं आता कि लोग हिंदू-मुस्लिम में क्यों बांटने का काम करते रहते हैं. मैं तो ऐसे किसी बंटवारे में विश्वास नहीं करती.'
मुसलमानों पर क्या बोल गईं मुमताज?
मुमताज ने इसी बातचीत में हिंदू-मुस्लिम शादियों को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा कहती हूं कि मैंने एक हिंदू से शादी की, और मेरी बहन ने भी, और हम दोनों बहुत खुश हैं. मुसलमानों में तो कई मर्द तीन-चार बार शादी करते हैं और फिर अपनी बीवियों को छोड़ देते हैं. ये कैसे मुसलमानों को हिंदुओं से बेहतर बनाता है? आदमी को पहले ही तीन-चार बार शादी नहीं करनी चाहिए. मैं खुद मुसलमान हूं, और मैं कहती हूं कि ये गलत है—एक बीवी रखकर दूसरी से शादी करना, फिर तीसरी से.'
'क्या तुमने कभी सोचा है कि रिश्तों में औरतें कितनी पोजेसिव होती हैं? ये वो एक रिश्ता है जहां हर औरत पोजेसिव होती है. एक को छोड़कर दूसरी से शादी करना, ये कैसे सही है? क्या ये पाप नहीं है? इस मामले में मुझे हिंदू बेहतर लगते हैं, वो आमतौर पर एक बार ही शादी करते हैं. कभी-कभी दो बार करते हैं, लेकिन वो आसानी से एक इंसान को छोड़कर दूसरे के पास नहीं जाते.'
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