कैसे बना था 'संदेशे आते हैं' गाना, अनु मल‍िक ने रोते हुए बनाई थी धुन, जावेद अख्तर ने ल‍िखा गीत

'बॉर्डर' फिल्म का गीत 'संदेशे आते हैं' किसी की भी आंखों को नम करने के लिए काफी है. अनु मलिक ने जिस तरह इसे कंपोज किया, वो करते वक्त उनकी आंखों से भी आंसू बहने लगे थे. लेकिन क्यों? आइए, इस आइकॉनिक गाने की पूरी मेकिंग के बारे में जानते हैं.

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'संदेशे आते हैं' गाने की कहानी (Photo: Youtube Screengrab) 'संदेशे आते हैं' गाने की कहानी (Photo: Youtube Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:50 AM IST

डायरेक्टर जेपी दत्ता की फिल्म 'बॉर्डर' 1997 में आई थी, जो आज भी लाखों लोगों की पसंदीदा फिल्म मानी जाती है. इसमें दिखाए गए सीन्स अभी भी रोंगटे खड़े कर देते हैं. सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना समेत सभी एक्टर्स ने फिल्म में दमदार परफॉर्मेंस देकर करोड़ों देशवासियों को अपने जवानों पर गर्व महसूस करने का मौका दिया था. 

'बॉर्डर' का आइकॉनिक गाना 'संदेशे आते हैं'

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'बॉर्डर' फिल्म की यूं तो कई खासियत है. लेकिन उनमें से एक फिल्म के आइकॉनिक गाने भी हैं, जो इसे देखने के एक्सपीरियंस को दोगुना कर देते हैं. इसका सबसे शानदार गाना 'संदेशे आते हैं' माना जाता है, जो हमारे जवानों की जिंदगी को संक्षेप में बताकर आंखें नम कर देता है. इस गाने को लेजेंडरी राइटर जावेद अख्तर ने लिखा था. 

'संदेशे आते हैं' को बनाने की कहानी भी अपने आप में काफी दिलचस्प है. अनु मलिक, जिन्होंने इसे कंपोज किया, उन्होंने कई बार इस गाने को बनाने की पूरी कहानी सुनाई है. वो बताते हैं कि इस गाने को बनाना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था क्योंकि कंपोजर तब अपनी जिंदगी में बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे थे. अनु मलिक उस दौरान काफी चटपटे और रोमांटिक गाने बनाया करते थे. उनके गाने हर फिल्म की जान होते थे. 

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लेकिन 'बॉर्डर' फिल्म में चटपटे और रोमांटिक गानों का कोई काम नहीं था. उस फिल्म में सिर्फ जोशीले और इमोशनल गानों की जरूरत थी, जिसके लिए जेपी दत्ता और जावेद अख्तर ने अनु मलिक को चुना. उनके मुताबिक, कंपोजर में वो ताकत थी कि वो ऐसा गाना बना सकते हैं, जो लोगों को पल भर में रुला सकता है. हालांकि अनु मलिक इस मुश्किल में फंस चुके थे कि वो इस गाने को कैसे बनाएंगे. 

क्यों रोने लगे थे अनु मलिक?

तभी डायरेक्टर जेपी दत्ता उनकी मदद करने आगे आए. उन्होंने अनु मलिक को बॉर्डर पर तैनात जवानों की तस्वीरें दिखाई जिसे देख कंपोजर रोने लगे. उनकी आंखों से आंसू बहने लगे और उसी इमोशन में उन्होंने गाना बनाया. लेकिन वो गाना थोड़ा रोमांटिक अंदाज में था, जिसमें जोश और इमोशन्स की कमी थी. जेपी दत्ता और जावेद अख्तर को अनु मलिक की वो कंपोजिशन उतनी पसंद नहीं आई थी. ऐसे में अनु मलिक दोबारा परेशान हो गए. उन्हें समझ नहीं आया कि वो कैसे इस गाने को और बेहतर बना सकते हैं. 

फिर, जेपी दत्ता ने उन्हें दोबारा उन जवानों की तस्वीरें दिखाईं जो बर्फीली पहाड़ियों में दिन-रात बॉर्डर पर तैनात रहकर देश की सेवा करते हैं. अनु मलिक उन तस्वीरों को देखकर दोबारा इमोशनल हो गए और उन्होंने मन ही मन ये ठान लिया कि वो अब हर आंसू को इमोशन की तरह इस्तेमाल करके एक दमदार और जोश से भरा गाना बनाएंगे. 

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नए अंदाज में फिर लौटा 'संदेशे आते हैं' गाना

अनु मलिक का 'संदेशे आते हैं' गाना पहले करीब 10-11 मिनट का बनकर पूरा हुआ था. लेकिन फिर से थोड़ा छोटा करके 7.50 मिनट तक किया गया. हालांकि तब भी गाना पूरा नहीं हुआ था. जावेद अख्तर ने इसे पूरा करने के लिए 'ऐ गुजरने वाली हवा' पैराग्राफ जोड़ा. अनु मलिक ने इस पूरे गाने की धुन 7-8 मिनट में बनाकर तैयार की थी, जिसे बाद में सोनू निगम और रूप कुमार राठोड़ की आवाज के साथ पूरा किया गया. 

अब 'संदेशे आते हैं' गाने का वही एहसास सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर 'बॉर्डर 2' में भी महसूस किया जाएगा. फिल्म का गाना 'घर कब आओगे' शुक्रवार को रिलीज हुआ है, जिसमें पुराने कंपोजिशन का फ्लेवर डालकर उसे नया अंदाज दिया गया है. इस गाने को मिथुन और अनु मलिक ने साथ में बनाया. वहीं जावेद अख्तर और मनोज मुंतशिर ने लिखा. 'घर कब आओगे' गाना सोनू निगम और रूप कुमार राठोड़ के साथ, अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल मिश्रा ने गाया है.

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