Holi 2026: जब फिल्मों में होली बना टर्निंग पॉइंट, कहानी को मिला धांसू ट्व‍िस्ट

बॉलीवुड फिल्मों में होली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि कहानी का बड़ा मोड़ साबित हुई है. डर, दामिनी, सिलसिला और शोले जैसी फिल्मों में होली सीक्वेंस ने इश्क, सस्पेंस और इंसाफ की दिशा ही बदल दी. जानिए इन यादगार सीन के पीछे की कहानी.

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फेमस होली के सीन्स (Photo: ITGD) फेमस होली के सीन्स (Photo: ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:00 AM IST

होली का रंग, ढोल की थाप, गुलाल से सराबोर चेहरे और उसी के बीच प्यार, तकरार, बदला या बड़ा खुलासा- बॉलीवुड ने होली को सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि कहानी का टर्निंग पॉइंट बना दिया है. कई फिल्मों में होली का सीक्वेंस ऐसा आता है कि उसके बिना पूरी फिल्म अधूरी लगती है. कभी यहीं हीरो-हीरोइन का इश्क परवान चढ़ता है, तो कभी दुश्मनी की आग भड़कती है. 

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रंगों के इस जश्न में छिपे ड्रामे, रोमांस और सस्पेंस ने बड़े पर्दे पर ऐसे यादगार पल दिए हैं, जिन्हें दर्शक सालों बाद भी भूल नहीं पाते. आइये आपको कुछ ऐसे ही दमदार सीक्वेंस के बारे में बताते हैं, जिनके बिना वो फिल्में बन ही नहीं पातीं. 

डर: शाहरुख खान, सनी देओल और जूही चावला स्टारर इस फिल्म का न सिर्फ गाना बल्कि ये पूरा सीन ही टर्निंग पॉइंट साबित होता है. फिल्म में होली पर फिल्माया 'अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना' गाने के दौरान ही जूही को शाहरुख खान के कैरेक्टर राहुल के असली मंसूबों के बारे में पता चलता है. एक सिरफिरे आशिक के होने का वो खौफ जूही पर भी साफ दिखाई देता है.

दामिनी: होली के सीन के दौरान हुई एक घटना ने ही फिल्म को आगे बढ़ाया था. होली के त्यौहार और भीड़-भाड़ के दौरान ही दामिनी के एक महिला के साथ होते रेप की गवाह बनती हैं. ये अत्याचार किसी और ने नहीं बल्कि फिल्म में दामिनी के ही देवर और उसके दोस्तों ने किया होता है. इसके बाद दामिनी इंसाफ की राह पर चल पड़ती है और कहानी अहम पड़ाव पर आती है. फिल्म में ऋषि कपूर, मीनाक्षी शेषाद्री और सनी देओल ने अहम भूमिका निभाई थी. 

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सिलसिला: अमिताभ बच्चन, रेखा और जया बच्चन की ये कल्ट क्लासिक फिल्म शायद ही किसी को याद न हो. फिल्म में होली त्यौहार के रंग रंगे अमिताभ और रेखा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का खुलासा ही रंग बरसे गाने के दौरान होता है, ये सीक्वेंस पूरी कहानी को अलग ही ट्रैक पर ले जाता है. इस ट्विस्ट के साथ एक और खुलासा होता है कि अमिताभ-रेखा का कैरेक्टर शादी के पहले से एक दूसरे को जानते थे.

शोले: होली कब है? कब है होली? हर साल त्यौहार आते ही, अमूमन हर कोई ये सवाल करते हुए गब्बर मोड में चला ही जाता है. क्योंकि फिल्म का मेन विलेन गब्बर रामगढ़ पर हमले का प्लान ही होली के त्योहार को देखते हुए बनाता है. जब पूरा गांव रंग में सराबोर होते हुए 'आज ना छोड़ेंगे' गाने में मग्न होता है. 

गब्बर अपने साथियों के साथ हमला कर देता है. इसके बाद जय-वीरू को पता चलता है कि ठाकुर के हाथ नहीं हैं, गब्बर ने उन्हें काट दिया था. ये सीक्वेंस कहानी की काया ही पलट देता है. 

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