फेमस म्यूजिशियन एआर रहमान को लेकर हाल के दिनों में हुए विवाद ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को दो हिस्सों में बांट दिया. रहमान के कथित 'सांप्रदायिक' बयानों को लेकर जहां सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में तीखी बहस छिड़ी है, वहीं अब सुरों की मल्लिका अनुराधा पौडवाल ने मजबूती से उनके सपोर्ट में अपनी आवाज उठाई है.
अनुराधा ने रहमान का बचाव करते हुए उन्हें एक 'संत' की तरह बताया है. उनका मानना है कि एक कलाकार की पहचान उसके काम से होती है, और रहमान ने अपने संगीत के जरिए जो मुकाम हासिल किया है, वह इन तमाम विवादों और छोटी बातों से बहुत ऊपर है.
अनुराधा पौडवाल ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी ANI से खास बातचीत के दौरान अनुराधा पौडवाल ने कहा, 'भले ही वह ए.आर. रहमान से व्यक्तिगत तौर पर कभी नहीं मिली हैं, लेकिन उनके संगीत ने ही उनकी शख्सियत की एक तस्वीर उनके मन में बना दी है.' अनुराधा ने कहा, 'मैं रहमान साहब को उनके संगीत की गहराई से जानती हूं. भले ही हमारी पर्सनल मुलाकात न हुई हो, लेकिन जिस तरह की धुन वो बनाते हैं, वह साफ बताती हैं कि वह एक बहुत ही शांत और संत स्वभाव के इंसान हैं. उनके काम में एक रूहानियत महसूस होती है. वह बहुत ही संत जैसे इंसान हैं.'
मीडिया पर उठाया सवाल
अनुराधा पौडवाल ने रहमान के कथित विवादित बयानों के पीछे के कारणों पर भी अपनी बेबाक राय रखी. उन्होंने मीडिया की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अनुराधा ने कहा, 'मैं सालों से इस इंडस्ट्री का हिस्सा रही हूं और मैंने देखा है कि कैसे चैनल्स और इंटरव्यू लेने वाले सीधे-सपाट जवाबों से खुश नहीं होते. वे कुछ ऐसा चाहते हैं जिससे विवाद पैदा हो, और इसी चक्कर में वे बातों को घुमा-फिराकर पूछते हैं ताकि उन्हें सुर्खियां मिल सकें. वह इन सबसे परे हैं.'
अंत में अनुराधा ने जोर देकर कहा कि एआर रहमान का कद इतना बड़ा है कि अब कोई विवाद उनके करियर को नुकसान नहीं पहुंचा सकता. उन्होंने कहा, 'रहमान ने भारतीय संगीत को जो दिया है, वह बेमिसाल है. उन्होंने हमें दुनिया भर में पहचान दिलाई है. वह अब उस मुकाम पर पहुंच चुके हैं जहां किसी की छोटी सोच या बयानबाजी से उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता. एक सीनियर आर्टिस्ट होने के नाते मुझे लगता है कि इन बातों में कोई दम नहीं है, उनका संगीत ही उनकी सबसे बड़ी गवाही है.'
क्या कहा था एआर रहमान ने?
बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए रहमान के एक इंटरव्यू से हुई थी. उनसे पूछा गया था कि क्या उन्होंने कभी बॉलीवुड में भेदभाव का सामना किया है? इस पर रहमान ने कहा था कि शायद पिछले आठ सालों में पावर शिफ्ट होने की वजह से कुछ बदलाव आए हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि अब पावर उन लोगों के हाथ में है जो क्रिएटिव नहीं हैं और इसमें सांप्रदायिकता का एंगल भी हो सकता है. इसके साथ ही उन्होंने फिल्म 'छावा' की आलोचना भी की थी, हालांकि इस फिल्म में म्यूजिक रहमान ने ही दिया था.
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