किठौर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की एक विधानसभा सीट है. किठौर विधानसभा सीट मेरठ जिले की सात सीटों में से एक है. किठौर देहात क्षेत्र की विधानसभा सीट है और ये इलाका आम के बाग के लिए अपनी अलग पहचान रखता है. आम के सीजन में यहां से बड़ी तादाद में आम अन्य जगह भेजे जाते हैं. किठौर विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश करते ही आपको आम के बाग के नजारे देखने को मिलने लगेंगे वहीं इस विधानसभा क्षेत्र के शाहजंहापुर में पौधों की नर्सरी बड़ी तादाद में है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
किठौर विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो ये मेरठ की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखती है. समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता शाहिद मंजूर और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बाबू मुनकाद किठौर क्षेत्र से ही आते हैं. शाहिद मंजूर के पिता मंजूर अहमद भी राजनीति में सक्रिय थे. ये सीट सपा का गढ़ मानी जाती है. सपा के शाहिद मंजूर 2002, 2007 और 2012 में इस सीट से विधायक निर्वाचित हुए.
2017 का जनादेश
किठौर विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सत्यवीर त्यागी को उम्मीदवार बनाया. बीजेपी के सत्यवीर त्यागी ने सपा के शाहिद मंजूर के जीत का चौका लगाने के अरमानों पर पानी फेर दिया. सत्यवीर त्यागी ने शाहिद मंजूर को 10,822 वोट से हरा दिया था. बसपा के गजराज सिंह तीसरे और राष्ट्रीय लोक दल के मतलूब चौथे स्थान पर रहे थे.
सामाजिक ताना-बाना
किठौर विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो इसकी गिनती मुस्लिम बाहुल्य सीटों में होती है. इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की तादाद सबसे अधिक है. मुस्लिम के बाद गुर्जर मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं. यहां अनुसूचित जाति के साथ ही त्यागी और जाट मतदाता भी चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
किठौर विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी के सत्यवीर त्यागी का दावा है कि उनके कार्यकाल में इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है. सत्यवीर त्यागी का दावा है कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र के हर इलाके में बुनियादी ढांचे पर काम हुआ है. दूसरी तरफ, विपक्षी नेताओं का दावा है कि इलाके की समस्याएं जस की तस हैं और विकास ठप हो गया है. काली नदी की सफाई, क्षेत्रीय विकास, अपराध, चिकित्सा सुविधा, सड़कें किठौर विधानसभा सीट के प्रमुख मुद्दे हैं.
उस्मान चौधरी